scriptBig decision for E Rickshaw drivers strict action will be taken against those who do not follow rules | E-Rickshaw चालकों के लिए बड़ा फैसला, नियम न मानने वालों पर होगा सख्त एक्शन | Patrika News

E-Rickshaw चालकों के लिए बड़ा फैसला, नियम न मानने वालों पर होगा सख्त एक्शन

locationउज्जैनPublished: Feb 12, 2024 10:10:34 pm

Submitted by:

Faiz Mubarak

उज्जैन में फिलहाल 9500 ई-रिक्शा चल रहे हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस महकमे ने नया प्लान तैयार किया है।

news
E-Rickshaw चालकों के लिए बड़ा फैसला, नियम न मानने वालों पर होगा सख्त एक्शन

पेट्रोल-डीजल की बढ़ते दामों के चलते कुछ ही सालों के भीतर इलेक्ट्रिक व्हीकल का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। परिवहन के क्षेत्र में भी ई-रिक्शा ने इसी के चलते तेजी से सड़कों पर जगह बनाई है। लेकिन अब ये ही ई-रिक्शा मध्य प्रदेश के अन्य शहरों की तरह धार्मिक नगरी उज्जैन शहर के यातायात के लिए बड़ी मुसीबत बनने लगे हैं। सिर्फ उज्जैन की ही बात करें तो यहां चंद महीनों में लगभग 9500 ई-रिक्शा सड़कों पर चलने लगे हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए अब जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस महकमे ने नया प्लान तैयार किया है। प्लान ये है कि ये ई-रिक्शा अब निश्चित मार्गों पर ही चलाए जाने की अनुमति रहेगी। जो भी ई-रिक्शा चालक इस नियम का पालन नहीं करेगा उसे प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

ये बात तो हम सभी जानते हैं उज्जैन में महाकाल लोक निर्माण के बाद पर्यटको और श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसी के चलते शहर में बड़ी संख्या में नए ई-रिक्शा चलने लगे हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष मालवीय का कहना है कि शहर में 9500 से ज्यादा ई-रिक्शा चल रहे हैं। इनमें पंजीकृत के अलावा कुछ अपंजीकृत रिक्शा होने की भी जानकारी सामने आई है। उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह यातायात को सुदृढ बनाने के लिए ई-रिक्शा को लेकर एक नया प्लान तैयार करने को कहा है। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के मुताबिक शहर की ई-रिक्शा निश्चित रूट पर संचालित किए जाएंगे। इसे लेकर ई-रिक्शा को अलग-अलग इलाकों में डिवाइड किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने के साथ-साथ शहर के यातायात में सुदार लाया जा सके।

यह भी पढ़ें- नॉनवेज खाने के शौक में बन गया अपराधी, राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करते पकड़ाया


रोजगार का बड़ा साधन बना ई-रिक्शा

धार्मिक नगरी उज्जैन में ई-रिक्शा गरीब परिवारों के लिए आय का साधन बनने के साथ-साथ रोजगार का महत्वपूर्ण साधन भी बना है। मौजूदा समय में ई-रिक्शा विक्रय करने वाली कंपनियां काफी कम राशि जमा करने पर किस्तों में ई-रिक्शा मुहैया करा रही हैं, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग इसे खरीदकर नए कारोबार में उतर आए हैं। ई-रिक्शा संचालित करने वाले लोग रोजाना लगभग 1 हजार रुपए तक की आमदनी कर ले रहे हैं। इसके अलावा कई लोग ई-रिक्शा 300 रुपए रोजाना के हिसाब से किराए पर भी चलाने को दे रहे हैं।


नई व्यवस्था के तहत ऐसा बनेगा प्लान

प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मंशा के अनुरूप परिवहन विभाग द्वारा प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत ई-रिक्शा को अलग-अलग मार्गो में निश्चित रूट पर चलने के निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके लिए उन्हें अलग से एक नंबर अलॉट किया जाएगा। नंबर के हिसाब से रूट का निर्धारण होगा। ऐसे में अगर कोई ई-रिक्शा चालक अपने रूट से अलग हटकर चलता है तो उसे परिवहन नियम के विरुद्ध मानकर उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।

ट्रेंडिंग वीडियो