Digital Banking - Each house will have a member arm expert
उज्जैन. देश में नोटबंदी के बाद डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। शासन स्तर पर कई निर्देश व प्रयास शुरू भी हुए हैं। अब नोटबंदी कार्य के बोझ से मुक्त हुई बैंक भी जागरुकता अभियान शुरू करेगी। इसके लिए प्रदेश स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न हो चुकी है। इसमें लोगों को कैशलेस का ज्ञान देने के लिए रूपरेखा तैयार की गई। इसमें उज्जैन के भी बैंक अधिकारी शामिल हैं। बैंक अधिकारियों को हर घर से एक व्यक्ति को डिजिटल लेनदेन की जानकारी से अवगत कराने का लक्ष्य दिया गया है।
एटीएम और नेट बैंकिंग के दौरान सबसे ज्यादा धोखा पासवर्ड लीक होने पर होता है। कई तरह के प्रलोभन पर ग्राहक अपनी जानकारी दे देते हैं। इसमे कई बार बैंक अधिकारी बन कर भी फोन पर जानकारी पूछ लेते हैं। बैंक अधिकारी लोगों को एेसी ही सुरक्षा संबंधी जानकारी देंगे।
तकनीकी ज्ञान सबसे बड़ी समस्या
वर्तमान में स्मार्ट फोन व एटीएम ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है, लेकिन लोगों में तकनीकी ज्ञान नहीं होना सबसे बड़ी समस्या है। इसी के चलते डिजिटल बैंकिंग की योजनाओं पर सवाल खड़े होते रहे हैं। बैंक व अन्य योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं व शिक्षित लोगों को तकनीकी ज्ञान दिया जाएगा।
हर बैंक का एप
डिजिटल बैंकिंग के लिए अब हर बैंक ने तैयारी कर ली है। निजी कंपनी के एप के साथ एसबीआई, बीआईआई, एचडीएफसी सहित अन्य बैंक कई एप व एटीएम मशीन से नई सुविधा लेकर आई हैं। मशीनों के जमा करने की व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा।
जनवरी से कार्यक्रम
लीड बैंक मैनेजर आरके तिवारी का कहना है कि प्रदेश स्तर पर बैंक अधिकारी को प्रशिक्षण दिया है। उज्जैन के लोग भी शामिल हुए हैं। जल्द शहर के लोगों को डिजिटल लेनदेन के लिए जागरूक करेंगे।