कावड़ यात्रियों को प्रवेश भस्मआरती द्वार से

कावड़ यात्रियों को प्रवेश भस्मआरती द्वार से
Passengers,

Shailesh Vyas | Updated: 11 Jul 2019, 09:26:35 PM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

श्रावण मास में भगवान महाकालेश्वर के जलाभिषेक के लिए आने वाले कावड़ यात्रियों की व्यवस्था और प्रवेश के संबंध में गुरुवार को महाकाल प्रवचन हाल में बैठक आयोजित की गई। इसमें भक्त मंडलों को दिशा निर्देश देने के साथ व्यवस्था में सहयोग करने को कहा गया।

कावड़ यात्रियों को प्रवेश भस्मआरती द्वार से

कावड़ यात्रा को लेकर बैठक

उज्जैन

 

श्रावण मास में भगवान महाकालेश्वर के जलाभिषेक के लिए आने वाले कावड़ यात्रियों की व्यवस्था और प्रवेश के संबंध में गुरुवार को महाकाल प्रवचन हाल में बैठक आयोजित की गई। इसमें भक्त मंडलों को दिशा निर्देश देने के साथ व्यवस्था में सहयोग करने को कहा गया। आयोजकों को बताया कि सभी कावड यात्रियों को भस्मआरती द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। श्रावण मास के दौरान महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं का खासा दबाव रहता है। श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए सुलभता से प्रवेश देने के लिए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा व्यवस्था तैयार की गई है। श्रावण के दौरान भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में कावड़ यात्रियों का आगमन होता है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग १५ जिलों और अन्य प्रांतों से कावड़ आती है।

योजना तैयार

महाकाल प्रवेचन हॉल में आयोजित बेठक में कावड़ यात्रा संघ/संगठन के पदाधिकारियों को मंदिर प्रबंध समिति प्रशासक अवधेश शर्मा ने बताया कि इस दौरान महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने आम कावड़ यात्रियों को नंदी हॉल बैरिकेड्स तक लाने के लिए योजना तैयार कर ली है। कावड़ यात्रियों को बड़े गणेश मंदिर मार्ग स्थित भस्म आरती गेट मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। वे विश्रामधाम से सभा मंडप होते हुए यहां लगे जलपात्र से भगवान को जल अर्पित करते हुए नंदी हॉल के पीछे बैरिकेड्स से राजाधिराज के दर्शन करेंगे।

यह भी निर्देश

-श्रावण मास में शनिवार, रविवार और सोमवार को अत्याधिक भीड़ रहती है। व्यवस्था की दृष्टि से कावड़ यात्रियों को मंगलवार से शुक्रवार तक चार दिन लेकर आए, जिससे कि सभी को दर्शन में आसानी हो। -श्रावण में आने वाले कावड़ यात्रियों को भस्मआरती गेट से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। - स्वनियंत्रित व्यवस्था बनाकर मंदिर प्रबंध समिति और पुलिस को सहयोग प्रदान करें। - प्रयास करें कि कावड़ यात्रियों को निर्धारित रंग की गणवेश और परिचय पत्र दिया जाए।- कावड़ यात्रा के उज्जैन पहुंचने की सूचना मंदिर प्रबंध समिति को दें।

-समर्पण सेवा समिति की समर्पण कावड़ यात्रा त्रिवेणी से महाकाल मंदिर १८ जुलाई श्रद्धालु संख्या ११ हजार। -जय महाकाल कावडिया मंडल इंदौर,खेड़ी घाट बड़वाह से उज्जैन आगमन 24 जुलाई,श्रद्धालु संख्या 50।- लोधी समाज उज्जैन रामघाट से 24 जुलाई,श्रद्धालु संख्या 300।- जय महाकाल भक्त मंडल पृथ्वी लोक देपालपुर श्रद्धालु संख्या 150।-धर्म जागरण समिति बाणेश्वरी कावड़ यात्रा महेश्वर से उज्जैन आगमन २९ जुलाई,श्रद्धालु संख्या १० हजार। - जय महाकाल वीआईपी ग्रुप बडऩगर से उज्जैन आगमन 29 जुलाई श्रद्धालु संख्या 12००। -मां शिप्रा नर्मदा लोक संस्कृति समिति इंदौख से उज्जैन आगमन 9 अगस्त श्रद्धालु संख्या 5हजार।- त्रिवेणी भक्त मंडल बडऩगर से उज्जैन आगमन 9 अगस्त, श्रद्धालु संख्या 200। -

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