
Ujjain News: महंत प्रकाशपुरी के स्थान पर किया नियुक्त, महाकाल मंदिर के विकास और स्वच्छता पर सहयोग देने की बात कही
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी गुरु कपिल मुनि गादी परंपरानुसार विनीत गिरी महाराज को महंत प्रकाश पुरी के स्थान पर नियुक्त किया गया। हरिद्वार से आए पंचों ने महंत विनीत गिरी को विधिवत सम्मानपूर्वक गादी सौंपकर चादर (शॉल) ओढ़ाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर के सर्वांगीण विकास के साथ स्वच्छता पर पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी संतों के आशीर्वाद से सेवा का मौका मिला है, उन सबको साधुवाद।
अखाड़े में गादी प्रथा परम्परा वर्षों से
महाकाल मंदिर स्थित महानिर्वाणी अखाड़े में गादी प्रथा परम्परा वर्षों से चली आ रही है। उसी परम्परा का निर्वहन शुक्रवार को विधिवत हुआ। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की 12 मार्च को हुई बैठक में श्री महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा महाकाल मंदिर परिसर स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रस्तावित महंत विनीत गिरी महाराज की नियुक्ति का अनुमोदन किया गया था। उसी कड़ी में सुबह 9 बजे महंत विनीत गिरी एवं अन्य महन्तों ने भगवान महाकालेश्वर तथा ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन व पूजन-अर्चन कर महंताई गादी पर बैठाकर चादर (शॉल) ओढ़ाई गई। उल्लेखनीय है कि हरियाणा प्रांत के गुडग़ांव से आए विनीत गिरी महाराज इससे पहले भागवताचार्य थे। गुडग़ांव में दो से ढाई सौ निराश्रित गायों की गौसेवा का काम भी देखते थे। दर्शन-वेदांत व सनातनी धर्म का अध्ययन भी उनके द्वारा किया गया है।
इन्होंने ओढ़ाई चादर, किया स्वागत
इस अवसर पर प्रशासक एसएस रावत, हरिद्वार के सचिव रवीन्द्र पुरी, दया पुरी, यमुना पुरी, प्रेम गिरी, महन्त श्यामनारायण गिरी, नरेन्द्र भारती, महन्त करण गिरी, प्रयागराज से सचिव महन्त रामसेवक गिरी, ओंकारेश्वर के सचिव महन्त कैलाश भारती, त्रयंबकेश्वर महाराष्ट्र के सचिव महन्त रमेश गिरी, दिल्ली के महन्त राधेश्याम पुरी, डॉ. रामेश्वरदास, प्रबंध समिति के सदस्य-महंत एवं पुजारी-पुरोहितों ने नवागत गादीपति महंत विनीत गिरी का पुष्पहारों से स्वागत कर चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया।
भस्मी चढ़ाने का कार्य फिलहाल गणेशपुरी ही करेंगे
प्रशासक रावत के अनुसार नए महंत बनने के बाद भस्मी चढ़ाने के लिए अपने प्रतिनिधि का नाम समिति को प्रेषित करेंगे। तब तक गणेशपुरी महाराज ही पूर्वानुसार भस्मी चढ़ाएंगे। साथ ही मंदिर परिसर स्थित आश्रम को महंत प्रकाशपुरीजी पहले ही समिति को सौंपकर गए हैं। इन्होंने भी कहा है कि विकास कार्य में हम सहयोग करेंगे। बाद में समिति द्वारा मंदिर परिसर में ही नवीन आश्रम बनाकर दिया जाएगा, तब तक महंतजी देवास धर्मशाला में रहेंगे।
Published on:
14 Mar 2020 11:02 am
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