कमिश्रर दीपक अग्रवाल व आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने पुलिस बल के साथ सुबह जिला अस्पताल में छापेमारी की। कई बैरकों की सघन तलाशी ली गयी। बैरक ११ बी से एक बंदी के पास से मोबाइल मिला। मोबाइल में सिम नहीं था। अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो पता चला कि जिस बंदी के समान से मोबाइल मिला है वह उसका नहीं है अन्य बंदी से उसके समान में मोबाइल रख दिया था। इसके बाद अधिकारियों ने बैरक में नजर रखने वाले सीसीटीवी कैमरों की जांच की। पता चला कि ४० कैमरों में चार खराब है इसके बाबत जेलर से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इन कैमरों को बनाने का निर्देश दिया जा चुका है। शाम तक सभी कैमरे बन जायेंगे। अधिकारियों ने मॉनीटरिंग रुम में बैठ कर सीसीटीवी से सभी बैरको पर नजर रखने वाली व्यवस्था को भी जांचा। आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने बताया कि मोबाइल रखने वाले बंदी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। जेल की चहारदीवारी को लेकर भी कुछ समस्या है, जिसका समाधान किया जायेगा। जैमर 3 जी मोबाइल के लिए है। 4 जी मोबाइल के लिए जैमर लगाने की योजना शासन के पास प्रस्तावित है।
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