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श्रीकाशी विश्वनाथ धाम: लोकार्पण के दिन गंगा किनारे जलेंगे पांच लाख दीये

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के दिन गंगा किनारे देव दीपावली की तर्ज पर पांच लाख दीये जलेंगे। इसी के साथ वहां लेजर शो आयोजित होगा, आतिशबाजी होगी और समस्त मंदिर और शहर की गलियों व चौराहों को भी जगमग किया जाएगा। इसकी तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
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वाराणसी

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Karishma Lalwani

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Updated: 4 Dec 2021, 3:26 PM IST

Five Lakh Diyas Will be Lit on Kashi Vishwanath Dham Inaugration Day

Five Lakh Diyas Will be Lit on Kashi Vishwanath Dham Inaugration Day

वाराणसी. श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के दिन गंगा किनारे देव दीपावली की तर्ज पर पांच लाख दीये जलेंगे। इसी के साथ वहां लेजर शो आयोजित होगा, आतिशबाजी होगी और समस्त मंदिर और शहर की गलियों व चौराहों को भी जगमग किया जाएगा। इसकी तैयारियां अंतिम दौर में हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में लाइट्स लगा दी गई है। 10 दिसंबर तक कार्य को पूरा करने का लक्ष्य प्रशासन द्वारा साधा गया है। इसी के साथ धाम के लोकार्पण के दिन सभी लोगों से प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि देव दीपावली की तरह घरों में दीये जलाएं। विश्वनाथ मंदिर के भव्य लोकार्पण के साथ ही काशी पर्यटकों के स्वागत के लिए भी तैयार है।

भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को काशी आ रहे हैं। वह यहां काशी विश्वनाथ मंदिर का लोकार्पण करेंगे और तीन दिन तक शहर में रुकेंगे। हालांकि, पीएम के कार्यक्रम को लेकर प्रोटोकॉल अभी जारी नहीं हुआ है लेकिन अधिकारियों द्वारा यह कहा गया है कि 13 को ही पीएम मोदी श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण के बाद शाम को बोट से गंगा की सैर व गंगा आरती देखेंगे। इस दौरान भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री अगले दिन मुख्यमंत्रियों व जनप्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। इसके बाद स्वर्वेद मंदिर, उमरहा व सीएनजी प्लांट, शहंशाहपुर जाएंगे।

दो चरण में पूरे होंगे काम

मंदिर का काम दो चरण में पूरा होना है। मंदिर की मूल संरचना से छेड़छाड़ नहीं की है, उसे वैसे ही रहने दिया है। मंदिर की भव्यता को बहाल करने के मंदिर परिसर का पुनर्गठन किया गया है। दूसरे चरण में जलासेन घाट और ललिता घाट से रैंप का निर्माण, एस्केलेटर, सांस्कृतिक केंद्र आदि का निर्माण किया जाना है। जलासेन घाट पर गंगा स्नान के बाद धाम में प्रवेश के लिए प्रस्तावित भव्य मुख्य द्वार का निर्माण किया जाना है। दूसरे चरण का निर्माण कार्य 60 करोड़ रुपये में पूरा होगा।

5.50 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में से 70 फीसदी को हरियाली से ढका

मंदिर के आर्किटेक्ट बिमल पटेल ने कहा कि इसमें पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ख्याल रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को पूरा करने की दिशा में काम किया है। जिसमें मंदिर की भव्यता को बहाल करने के मंदिर परिसर का पुनर्गठन किया गया है। साथ ही परियोजना के 5.50 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में से लगभग 70 फीसदी को हरियाली से ढका जाएगा।

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