लोगों की जान से खिलवाड़ कर पिला रहे थे डिटर्जेंट पाउडर से बना दूध, फूड डिपार्टमेंट ने की कार्रवाई

लोगों की जान से खिलवाड़ कर पिला रहे थे डिटर्जेंट पाउडर से बना दूध, फूड डिपार्टमेंट ने की कार्रवाई
detergent powder mixing in milk

Devesh Singh | Publish: May, 21 2019 02:36:38 PM (IST) Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

हजारों लीटर दूध को किया गया नष्ट, घी व क्रीम को सैंपल जांच के लिए भेजा गया

वाराणसी. डिटर्जेंट से बने दूध पिला कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने का बड़ा मामला सामने आया है। फूड डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 हजार से अधिक मिलावटी दूध को नष्ट किया है। इसी दूध से बनी घी व क्रीम के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है वहां से रिपोर्ट आने के बाद और कार्रवाई की जायेगी।
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सफेद दूध का यह काला कारोबार रोहनिया थाना क्षेत्र के जगतपुर में चल रहा था। यहां पर काशी संजोग कंपनी के प्योर डेयरी सोलुशन के नाम से पैकेट वाला दूध बेचा जाता था। जिला प्रशासन को दूध को लेकर शिकायत मिली थी कि दूध की महक अलग है। इस पर खाद्य विभाग ने १९ मई को कंपनी के दूध का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। सैंपल लेने के बाद बाकी दूध को जांच रिपोर्ट आने तक सुरक्षित रखने को कहा गया था।सैंपल की रिपोर्ट जब आयी तब हड़कंप मच गया। रिपोर्ट में दूध में डिटर्जेंट मिला कर बेचने की शिकायत सही पायी। इसके बाद खाद्य विभाग ने सुरक्षित रखे गये 9 हजार 814 लीटर दूध को नष्ट किया है और मौके से मिले क्रीम व घी के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। जिला प्रशासन ने जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की भी संस्तुति की है।
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खाद्य विभाग का दावा पहले नहीं मिला था ऐसा दूध
चीफ फूड सेफ्टी आफिसर संजीव सिंह का कहना है कि हम लोग समय-समय पर दूध के नमूने की जांच करते थे लेकिन डिटर्जेंट मिला दूध अभी तक नहीं मिला था। पहली बार मुरैना से एक टैंकर सिंथेटिक होने की जानकारी थी चारों दूध के नमूने खराब मिले थे। रोका गया दूध अब नष्ट किया जा रहा है घी व क्रीम के नमूने भी लिये गये हैं। दूध में डीटर्जेंट मिलने की बात सामने आयी है।
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बच्चों के जीवन से हो रहा था खिलवाड़
डिटर्जेंट से बने दूध से बच्चों के स्वास्थ्य पर सबसे अधिक खराब असर पड़ता है। दूध को ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक खपाया जाता था। यही दूध बच्चे पीते थे और इसी दूध से चाय व अन्य चीजे भी बनायी जाती थी, जिससे लोगों का स्वास्थ्य खराब हो सकता था। खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए डिटर्जेंट मिले दूध को नष्ट तो कर दिया है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि दूध का यह काला कारोबार और कितनी जगह पर चल रहा है।
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