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चुनावी यादें : मुलायम सिंह यादव के वो पांच मिनट और मुस्लिमों ने बृजभूषण तिवारी को जीता दिया

1991 में मिली हार के बाद बृजभूषण तिवारी जनता से कट चुके थे, क्षेत्र में उनके प्रति लोगों में नाराजगी थी ।
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वाराणसी

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Akhilesh Kumar Tripathi

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Updated: 10 Jul 2018, 10:38 PM IST

Mulayam singh yadav

मुलायम सिंह यादव

वाराणसी. 1996 लोकसभा चुनाव को लेकर देश भर में चुनाव प्रचार चरम पर था । सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज सीट पर चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प बन चुका था। सपा उम्मीदवार बृजभूषण तिवारी की हालत खराब थी, 1991 में मिली हार के बाद बृजभूषण तिवारी जनता से कट चुके थे, क्षेत्र में उनके प्रति लोगों में नाराजगी थी, उनके जीतने की किसी को उम्मीद नहीं थी। मगर ऐसे वक्त में मुलायम सिंह ने ऐसा जादू किया कि बृजभूषण तिवारी चुनाव जीत गये।


1996 के चुनाव में यादव भी पूरी तरह सपा के साथ नहीं जुड़ पाये थे और मुस्लिम पूरी तरह बृजभूषण तिवारी से नाराज थे। मुसलमान कांग्रेस की उम्मीदवार मोहसिना किदवई और निर्दल सीमा मुस्तफा के पक्ष में बंटे थे। भाजपा से रामपाल सिंह और कांग्रेस के अमरमणि त्रिपाठी हिंदू मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में लगभग सफल हो गये थे। समाजवादी पार्टी के लिये चुनौती काफी बड़ी थी, ऐसे में मुलायम सिंह यादव ने एक दांव खेला।

मुलायम सिंह यादव का पांच मिनट का भाषण और जीत गया सपा उम्मीदवार :
मुलायम सिंह यादव को डुमरियागंज सीट पर पार्टी की हालत खस्ता होने की जानकारी मिली तो उन्होंने रिस्क लेते हुए ईद के दिन जनसभा करने का निर्णय लिया । मई में मतदान होना था और सभा अप्रैल के अंतिम सप्ताह में होनी थी। भीषण गर्मी और ईद के दिन जनसभा रखना किसी रिस्क से कम नहीं था। पार्टी के स्तर से यह संदेश दिया गया कि मुलायम सिंह मुसलमानों से बात करने आ रहे हैं। मुस्लिमों के दिल में उत्सुकता बनी रही कि आखिर मुलायम सिंह ईद के दिन ऐसा क्या कहने आ रहे हैं।

ईद के दिन प्रस्तावित सभास्थल पर जनसभा हुई और मुलायम सिंह पांच मिनट के लिये सभास्थल पर आये। मुलायम सिंह को सुनने के लिये लगभग 20 हजार से ज्यादा लोग सभास्थल पर जुट गये।

मुलायम सिंह का इमोशनल भाषण
मुलायम सिंह ने ईद की बधाई देते हुए अपना भाषण शुरू किया और कहा कि मुस्लिम भाईयों मुझे सिर्फ आपके अधिकारों की लड़ाई लड़ने के कारण एक जमात मुझे मुल्ला मुलायम और मुस्लिमों की औलाद कहता है। उन्होंने कहा कि मै भी आपसे दूर रह कर आराम से राजनीति कर सकता था कि मैं आपकी मदद के लिये खड़ा रहा और बदले में मुझे गालियां मिली। मुलायम ने कहा कि माना बृजभूषण तिवारी ने आपके बीच कभी संवाद नही बनाया, मै उसके लिए माफी मांगते हुए दामन फैला कर आपसे उन्हीं के लिए वोट मांगता हूं और मेरी इज्जत आपके हाथ में है।

पांच मिनट की स्पीच देने के बाद मुलायम सिंह सभास्थल से चले गये। मगर इसका असर यह हुआ कि सभास्थल में मौजूद हर मुसलमान मुलायम सिंह के लिये एक एक वोट न्यौयछावर करने का नारा लगाने लगा और जब चुनाव परिणाम आया तो सपा उम्मीदवार बृजभूषण तिवारी चुनाव जीत गये।


बृजभूषण तिवारी को 1 लाख 79 हजार 675 वोट मिले, वहीं भाजपा के रामपाल सिंह को 165752 मत ही पा सके। मुस्लिम वोटों का ऐसा ध्रुवीकरण हुआ कि राष्ट्रीय चेहरा मोहसिना किदवई और सीमा मुस्तफा अपनी जमानत तक नहीं बचा पाई।

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