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संजीवनी में लोगों के लाखों रुपए डूब गए, जन आवाज उठाना मानहानि नहीं-मुख्यमंत्री

बाड़मेर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर में संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी में बाड़मेर-जैसलमेर के हजारों लोगों के लाखों रुपए डूबने का हवाला देते हुए केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह को घेरा। उन्होंने कहा कि मेरे पास आंसू बहाते हुए लोग आए। गरीब, श्रमिकों के पैैसे लगे है। किसी ने तो जीवनभर की कमाई लगा दी। मैने इसकी आवाज उठाई तो केन्द्रीय मंत्री कहते है कि मानहानि कर दी। मुझे बताएं कैसी मानहानि। उन्होंने कहा कि वे हाईकोर्ट से जमानत ले रहे है, अभियुक्त है।

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संजीवनी में लोगों के लाखों रुपए डूब गए, जन आवाज उठाना मानहानि नहीं-मुख्यमंत्री
200 स्कूल क्रमोन्नत की घोषणा

03 लाख होगी अब मनरेगा टांके की लागत

06 लाइन हाइवे बाड़मेर तक बढ़ाया जाएगा

बाड़मेर पत्रिका. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर में संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी में बाड़मेर-जैसलमेर के हजारों लोगों के लाखों रुपए डूबने का हवाला देते हुए केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह को घेरा। उन्होंने कहा कि मेरे पास आंसू बहाते हुए लोग आए। गरीब, श्रमिकों के पैैसे लगे है। किसी ने तो जीवनभर की कमाई लगा दी। मैने इसकी आवाज उठाई तो केन्द्रीय मंत्री कहते है कि मानहानि कर दी। मुझे बताएं कैसी मानहानि। उन्होंने कहा कि वे हाईकोर्ट से जमानत ले रहे है, अभियुक्त है। नैतिकता कहती है गरीबों के साथ खड़ा रहकर उनका पैसा चुकाएं।

यहां बाड़मेर में आदर्श स्टेडियम में शुक्रवार को जनसभा में सीएम गहलोत ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री को संजीवनी मामले में जमकर घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे गरीबों के साथ खड़े रहकर उनका डूबा रुपया लौटाने के लिए प्रयास कर रहे है। गजेन्द्रसिंह तो यहां लोगों को गुमराह करके गए है।

वित्तीय प्रबंधन है, योजनाएं परमानेंट

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट की सारी घोषणाओं को पूरा करेंगे। वित्तीय प्रबंधन किया हुआ है और ये योजनाएं परमानेंट है। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान पर कहा कि रेवडिय़ा मध्यप्रदेश में बंट रही है, यहां सबकुछ सोच समझकर किया गया है। मेरा पल-पल मानवसेवा के लिए है और मैं यही प्रार्थना करता हूं।

पानी की समस्या का समाधान बड़ा

मुख्यमंत्री ने 1980 से अब तक के खुुद के बाड़मेर जुड़ाव को बताते हुए कहा कि पेयजल योजनाओं पर काम किया और आगे भी पूरा होगा। रेगिस्तान में पानी पहुंचाने का बड़ा संकल्प है। जल जीवन मिशन के तहत राज्य सरकार की ओर से 55 प्रतिशत बजट दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार राजस्थान की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से बिजली, पानी व अन्य योजनाओं में राशि दे।

राजस्थान 2030 तक बने नंबर वन

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो मांगा वो दिया। मैने सोचा था सीएचसी,पीएसची और स्कूल मांगेंगे लेकिन इन्होंने जिले मांग लिए तो मैने 19 जिले भी दे दिए। उन्होंने राज्य सरकार की बजट घोषणाओं को गिनाते हुए कहा कि मेरा संकल्प है कि 2030 तक राजस्थान देश में नंबर वन बने।

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शिवशक्ति जसदेर धाम में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़ बाड़मेर। शहर के शिवशक्ति जसदेर धाम में महाशिवरात्रि और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा का वाचन करते हुए पांचवे दिन साध्वी सत्यसिद्धा गिरी ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण अमोघ फलदायी है। यह जन्म जन्मांतर के पापों का नाश करता है। मोक्ष, ज्ञान, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। श्रद्धापूर्वक कथा सुनने से असाध्य रोग, संतानहीनता और भाग्यहीनता दूर हो जाती है। यह मन को शुद्ध करती है, भक्ति भाव बढ़ाती है और साधक को शिवलोक प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। शिव तत्व की व्याख्या करते बताया कि हिंदू दर्शन, विशेषकर शैव मत में शिव तत्व परम चेतना, शुद्ध ऊर्जा और निराकार ईश्वर का मूल सिद्धांत है। यह समय, स्थान तथा पंचतत्वों से परे है और सृजन विनाश का आधार है। शिव तत्व हर प्राणी में व्याप्त निर्गुण आत्मा है, जो शाश्वत आनंद और अहं चेतना का स्वरूप है। रामपुरी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर का नाम जप और सद्कर्मों के मार्ग पर चलकर ही जीवन का उद्धार संभव है। उन्होंने सभी भक्तों से महाशिवपुराण कथा का श्रवण करने का आह्वान किया तथा युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। 15 फरवरी शिवरात्रि को रुद्राभिषेक, मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य रात्रि जागरण में प्रसिद्ध भजन गायक कालु सिंह गंगासरा, कुंभाराम कुम्भवाणी, रणवीर सिंह राठौड सहित कई कलाकार प्रस्तुति देंगे। मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड ने बताया कि पांचवें दिन की कथा के दौरान स्वामी प्रतापपुरी महाराज के शिष्य रामपुरी महाराज, सावल पुरी, बलदेव पुरी महाराज तारातरा, जेठपुरी महाराज, हुकमपुरी महाराज, नरेंद्र पुरी और संतोष पुरी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। कथा में दीपक कडवासरा, कैलाश कोटडिया, पवन ऐचरा, अर्जुन सिंह महेचा, पदम सिंह भियाड, नारायण सिंह गोगादेव, पृथ्वीसिंह महेचा, भुरसिंह दोहट, लूणाराम माली, दीपक माली, कालु माली, उगम सिंह सोलंकी, मोहन लाल माली, रमेश कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, धनश्याम जागिड, दुर्गाराम राव

शिवशक्ति जसदेर धाम में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़ बाड़मेर। शहर के शिवशक्ति जसदेर धाम में महाशिवरात्रि और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा का वाचन करते हुए पांचवे दिन साध्वी सत्यसिद्धा गिरी ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण अमोघ फलदायी है। यह जन्म जन्मांतर के पापों का नाश करता है। मोक्ष, ज्ञान, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। श्रद्धापूर्वक कथा सुनने से असाध्य रोग, संतानहीनता और भाग्यहीनता दूर हो जाती है। यह मन को शुद्ध करती है, भक्ति भाव बढ़ाती है और साधक को शिवलोक प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। शिव तत्व की व्याख्या करते बताया कि हिंदू दर्शन, विशेषकर शैव मत में शिव तत्व परम चेतना, शुद्ध ऊर्जा और निराकार ईश्वर का मूल सिद्धांत है। यह समय, स्थान तथा पंचतत्वों से परे है और सृजन विनाश का आधार है। शिव तत्व हर प्राणी में व्याप्त निर्गुण आत्मा है, जो शाश्वत आनंद और अहं चेतना का स्वरूप है। रामपुरी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर का नाम जप और सद्कर्मों के मार्ग पर चलकर ही जीवन का उद्धार संभव है। उन्होंने सभी भक्तों से महाशिवपुराण कथा का श्रवण करने का आह्वान किया तथा युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। 15 फरवरी शिवरात्रि को रुद्राभिषेक, मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य रात्रि जागरण में प्रसिद्ध भजन गायक कालु सिंह गंगासरा, कुंभाराम कुम्भवाणी, रणवीर सिंह राठौड सहित कई कलाकार प्रस्तुति देंगे। मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड ने बताया कि पांचवें दिन की कथा के दौरान स्वामी प्रतापपुरी महाराज के शिष्य रामपुरी महाराज, सावल पुरी, बलदेव पुरी महाराज तारातरा, जेठपुरी महाराज, हुकमपुरी महाराज, नरेंद्र पुरी और संतोष पुरी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। कथा में दीपक कडवासरा, कैलाश कोटडिया, पवन ऐचरा, अर्जुन सिंह महेचा, पदम सिंह भियाड, नारायण सिंह गोगादेव, पृथ्वीसिंह महेचा, भुरसिंह दोहट, लूणाराम माली, दीपक माली, कालु माली, उगम सिंह सोलंकी, मोहन लाल माली, रमेश कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, धनश्याम जागिड, दुर्गाराम राव