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पुलिस की प्राथमिक जांच रिपोर्ट : आत्मरक्षा के लिए जवाबी फायरिंग में हुई थी हिस्ट्रीशीटर की मौत

- प्राथमिक जांच में पुलिस का दुराशय अथवा लापरवाही नहीं आई सामने

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जोधपुर.
पुलिस से मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर की मौत के पीछे पुलिस का कोई दुराशय अथवा लापरवाही नहीं थी। तत्कालीन थाना प्रभारी लीलाराम ने गोलियों से स्वयं व साथ में मौजूद पुलिस जाब्ते की आत्मरक्षा के लिए जवाबी फायरिंग की थी और इसमें से गोलियां लगने से हिस्ट्रीशीटर लवली कण्डारा की मौत हुई थी। जोधपुर में पुलिस से मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर से पहली मौत के मामले की प्राथमिक जांच में यह सामने आया। इसी के आधार पर रातानाडा के तत्कालीन थानाधिकारी लीलाराम, कांस्टेबल किशनसिंह, जितेन्द्र और विश्वास का निलम्बन आदेश अपास्त कर बहाल कर दिया गया।
निलम्बन आदेश युक्तियुक्त नहीं माना
सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर को मामले की प्राथमिक जांच के आदेश दिए गए थे। जांच में पुलिस का कोई दुराशय या लापरवाही नहीं पाई गई थी। निरीक्षक लीलाराम, कांस्टेबल किशनसिंह, जितेन्द्र व विश्वास पर लगे आरोप अप्रमाणित माने गए। जांच रिपोर्ट जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय भेजी गई थी। एडीजी (सतर्कता) बीजू जॉर्ज जोसफ ने निरीक्षक लीलाराम का निलम्बन आदेश अपास्त कर बहाल किया। वहीं, तीनों कांस्टेबल को डीसीपी (पूर्व) भुवन भूषण यादव ने बहाल किया।
11 मामले दर्ज, दो और मामलों में था वांछित
नवीन उर्फ लवली कण्डारा पर 11 मामले पहले से दर्ज हो रखे थे। नागौरी गेट व रातानाडा थाने में दर्ज जानलेवा हमले के दो और मामलों में वह नामजद आरोपी था। पुलिस दोनों मामलों में उसकी तलाश में थी।
सीआइडी सीबी कर रही है अपराधिक मामले की जांच
पुलिस की प्राथमिक जांच पूर्ण हो गई, लेकिन दूसरी तरफ सीआइडी सीबी रातानाडा थाने में दर्ज अपराधिक मामले की जांच कर रही है। लवली के चार साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। राहुल मीणा फरार है। उपाधीक्षक पुष्पेन्द्रसिंह ने गत 23 अक्टूबर को सीन रिक्रिएट कराया था।