चौदह माह बाद जिला कांग्रेस से कमल रुखसत, निशंक नए कप्तान

कांग्रेस में फिर बदलाव हुआ

By: govind saxena

Published: 21 Jul 2021, 10:30 PM IST

विदिशा. कांग्रेस में फिर बदलाव हुआ है। कमल सिलाकारी के स्थान पर गंजबासौदा के पूर्व विधायक और प्रदेश कांग्रेस महासचिव निशंक जैन को जिला कांगे्रस की कमान सौंपी गई है। निशंक जुझारू नेता और प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के कट्टर समर्थक हैं। मात्र 144 माह तक अध्यक्ष रहे कमल सिलाकारी अपनी नियुक्ति के बाद से ही काम करने में असुविधा महसूस कर रहे थे, वे कई बार कह चुके थे कि वे कुछ नेताओं के दबाव के कारण काम नहीं कर पा रहे हैं। वे पूर्व में इन्हीं आरोपों के चलते अपना इस्तीफा भी प्रदेश कांगे्रस को सौंप चुके थे। लेकिन उस समय उनकी नहीं सुनी गई। अब यह बदलाव किया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मप्र प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने निशंक जैन की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं।

सिलाकारी का 14 माह का रहा कार्यकाल
कमल सिलाकारी की गिनती अनुभवी, गंभीर और पुराने कांग्र्रेसियों में होती है। उन्हें प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने मई 2020 में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया, लेकिन सहयोग न मिलने से सिलाकारी और विदिशा विधायक शशांक भार्गव के बीच मतभेद खुलकर सामने आते रहे। इसी से क्षुब्ध होकर सिलाकारी ने जनवरी में अपना इस्तीफा भी प्र्रदेश कांग्रेस को भेज दिया था। इसके बाद भी कमलनाथ ने सिलाकारी और भार्गव में सुलह के प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। उस समय सिलाकारी से कहा गया था कि जब तक निर्णय नहीं होता तब तक अपने पद पर बने रहें। इसके बाद कुछ मौकों पर सिलाकारी और भार्गव आयोजनों और मंच पर साथ दिखे, लेकिन शायद अंदर की खटास बनी रही। अब 21 जुलाई को अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने निशंक जैन को जिलाध्यक्ष बनाने की घोषणा कर दी।

जुझारू अंदाज के हैं नए जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्त निशंक जैन 1981 से कांगे्रस में सक्रिय हैं। निशंक अपने जुृझारू अंदाज के लिए जाने जाते हैं। वे गंजबासौदा के 2013 से 2018 तक विधायक रहे और सात साल से प्रदेश कांग्रेस के महासचिव तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के डेलीगेट हैं। इससे पहले निशंक जिलां ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष, अखिल भारतीय युवक कांग्रेस के समन्वयक, युवक कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सहित कांग्रेस के अनेक पदों पर रह चुके हैं। 57 वर्षीय निशंक बासौदा से ही अपना दूसरा विधान सभा चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।


हल्का महसूस कर रहा हूूं-सिलाकारी
मैंने कांग्रेस के निर्णय का सदैव सम्मान किया है। अपने 14 माह के कार्यकाल में पूरी ईमानदारी से काम करने का प्रयास किया। सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की। लेकिन कतिपय कारणों से पद छोडऩे का निर्णय लेना पड़ा था। प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि जब तक निर्णय न हो, पद पर बने रहें। मुझे खुशी है कि मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। मैं अब हल्का महसूस कर रहा हूं।


पूरी जिम्मेदारी से करूंगा काम-निशंक
कांग्रेस में पहले भी कई पदों पर काम किया है। वरिष्ठ नेताओं ने नई जिम्मेदारी के लिए मेरा चयन किया है। पूरी शिद्दत से इस जिम्मेदारी को भी निभाऊंगा। कांग्रेस एक बड़ा परिवार है, सभी छोटे-बड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलेंगे, सबको सम्मान मिलेगा। सब मिलकर कांग्रेस को मजबूत करने जी जान से काम करेंगे।


अब बासौदा से चलेगी भाजपा और कांग्रेस
अब भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों की कमान गंजबासौदा के नेताओं के हाथों में है। भाजपा में डॉ. राकेश सिंह जादौन पहले से ही जिलाध्यक्ष पद पर हैं, वे भी बासौदा के ही निवासी हैं, और अब कांग्रेस में निश्ंाक जैन को जिलाध्यक्ष बनाया गया है, वे भी बासौदा के ही निवासी हैं। गौरतलब है कि जिले में गंजबासौदा की सीट ही भाजपा ने निशंक जैन को हराकर कांगे्रस से छीनी थी।

govind saxena Bureau Incharge
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