
junk food at market
आधुनिक समय में हमारे खान-पान, काम करने का तौर-तरीकों, देर से सोने और सुबह देर से उठने की आदतों और हमारी अनिमियत दिनचर्या ने हमारे स्वास्थ को चौपट कर के रख दिया है। घर घर में बीमार हैं। अस्पतालों में भीड़ लगी रहती है। अंग्रेजी दवाइयों की भरमार ने हमारे स्वाथ्य को और ज्यादा बिगाड़ दिया है। ये बीमारी को ठीक नहीं करती, बल्कि दुष्परिणाम स्वरूप हमें दूसरी बीमारियां घेर लेती हैं। वर्तमान समय में हम इन बातों से बच नहीं सकते, पर हमें चाहिए कि खुद पर नियंत्रण कर ऐसी जीवनशैली अपनाएं, अपनी दिनचर्या ऐसी निर्धारित करें कि हम स्वस्थ व सुखी रह सकें ताकि स्वास्थ्य की हानि न्यूनतम हो।
सबसे आवश्यक है रात को जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना। ये आपकी कार्य की क्षमता को ऊर्जा से भर देगा। इसके लिए कोई बहानेबाजी नहीं करें कि जल्दी नींद नहीं आती, टी.वी. मोबाइल का मोह छोड़ना पड़ेगा आदि। इन्हे बंद कर दें व सो जाएं। एक-दो दिन आपको अपनी दिनचर्या बदलने में परेशानी आ सकती है, पर फिर शरीर प्रक्रिया आपको निर्धारित समय पर सोने के लिए विवश कर देगी। इसी प्रकार आप सुबह भी जल्दी उठ सकेंगे। सुबह एक से डेढ़ घंटे नियमित प्राणायाम करें।
अब खाने का मेन्यू देखिए - सुबह भारी-भरकम नाश्ते के बजाय हल्का पोहा, दही, दूध आदि लें। ब्रेड, पराठा,बिस्कुट आदि से परहेज करें, मैदा आंतों में चिपकता है। सुबह-शाम दूध अवश्य पिएं। दिन के खाने में हरी सब्जी, दाल-चपाती लें। शाम का भोजन हल्का करें। अपनी खुराक पर नियंत्रण रखें। अनावश्यक न खाएं। एक मध्यम वर्गीय परिवार इतना तो कर ही सकता है।
जंक फूड कदापि न खाएं। पिज्जा-बर्गर, कुरकुरे, समोसे, कचोरी, कोल्ड ड्रिंक से सख्त परहेज करें। ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। जंक फूड से हमारे शरीर का रक्त दूषित हो जाता है व हमें एलर्जी सम्बन्धी बीमारी हो सकती है। इन जंक फूड्स में कई प्रकार की मिलावट पाई जाती है, जो इन पर नहीं लिखी होती है। बाजार के पकौड़े नहीं खाएं क्योंकि बार-बार गर्म किया तेल अत्यधिक हानिकारक होता है। कम खाएं, अच्छा खाएं। प्राणायाम करें। स्वस्थ्य व सुखी रहें।
- लता अग्रवाल

Updated on:
21 Sept 2018 04:48 pm
Published on:
21 Sept 2018 04:38 pm
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