
priyanka chopra
जब मैंने बॉलीवुड में कदम रखा था, तो मेरा कोई गॉडफादर नहीं था। हमारी इच्छाशक्ति जितनी मजबूत होगी, हम मंजिल की तरफ उतनी तेजी से बढ़ेंगे ही, मंजिल खुद भी हमारी तरफ बढऩे लगेगी। सारे डर, सारी समस्याएं एक तरफ रखिए और दूसरी तरफ फतह का मंत्र। जी-जान से उत्थान की तरफ बढि़ए। मैंने पहल कर दी है। अब आप बताइए, है आपमें अपनी कमजोरियों को मात देने का वो जोश वो जुनून।
आज मैं जिस भी मुकाम पर हूं, उसमें किसी एक शख्स का हाथ नहीं है। मुझे कई लोगों ने मिलकर ‘प्रियंका चोपड़ा’ बनाया है। मैं हर पल उनका शुक्रिया अदा करती हूं। आज हर युवा तेजी से तरक्की पाना चाहता है, पर वह संघर्ष से डरता है। युवाओं को सपने बड़े रखने चाहिए, पर उन्हें हर मुश्किल पर पार करने के लिए तैयार रहना चाहिए। अगर आप ठान लें तो हर मुश्किल पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। मेरा यकीन मानिए कि अगर आप एक बार सब कुछ भूलकर-छोडक़र अपने सपनों का पीछा करने लग जाते हैं, तो आपको रास्ता भी मिलने लगता है। सिर्फ बंद कमरे में बैठकर सपने देखने से कुछ नहीं होगा। आपको मैदान में उतरना होगा।
आपको खुद को कहना होगा- हो जाओ तैयार। आपको बदलाव के लिए मन को मजबूत बनाना होगा। मैं धडक़ते हुए शहर बरेली से हूं। मेरे डैड आर्मी में डॉक्टर थे, इसलिए उनका तबादला होता रहता था। बार-बार नए शहर में जाने का अपना मजा भी था और कभी-कभी यह सजा भी लगता था। ऐसे मे डैड हमेशा कहते थे, ‘फतह’। डैड ने मुझे बताया है कि फौजी को अपनी चोटों की परवाह नहीं होती, वह बस मोर्चें पर जाने के लिए तड़पता है। बचपन में जब सुनती थी तो रोंगटे खड़े हो जाते थे लेकिन अब लगता है कि हौसले और जिंदादिली का कोई मुकाबला नहीं। वास्तव में मोर्चा कोई भी हो, हमें हमेशा फतह के बारे में सोचना चाहिए। हमारी कोहनी छिल जाती है तो हम आंसू बहाने लगते हैं, उनके बारे में सोचिए जिनके हाथ ही नहीं होते। वे फिर भी जीते हैं और शान से जीते हैं। मुझे लगता है कि जीत का ऐसा जज्बा हरेक इंसान में होना ही चाहिए। सारे डर, सारी समस्याएं एक तरफ रखिए और दूसरी तरफ फतह का मंत्र। मैंने खुद सीखा, आगे बढ़ी और सफलता प्राप्त की। अगर मैं एक बार डर जाती तो फिर कहीं नहीं पहुंच पाती।
Published on:
02 Apr 2018 05:06 pm
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