
लक्ष्मीकुट्टी केरल के कल्लार के जंगली क्षेत्र में रहती हैं। होश संभालने के साथ से ही ये देखती आ रही थीं कि आए दिन आसपास के इलाकों में लोगों के साथ सर्पदंश और दूसरे जहरीले कीड़ों के काटने की घटनाएं होती रहती हैं। कुछेक की मृत्यु भी हो जाती थी। सर्पदंश से इनके बड़े बेटे की भी मौत हो गई थी जिसके बाद इन्होंने दवा बनाने की ठानी।
Published on:
22 Apr 2018 11:03 am
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