4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

150 साल जी पाएगा इंसान! चीन के वैज्ञानिक बना रहे ऐसी दवा, बढ़ती उम्र पर लगेगा ब्रेक

चीन की एक बायोटेक कंपनी अंगूर के बीज से बने तत्व PCC1 पर आधारित ऐसी दवा बनाने का दावा कर रही है, जो इंसान की उम्र को 150 साल तक बढ़ा सकती है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Devika Chatraj

Nov 14, 2025

चीन का बड़ा दावा (AI Image)

कैसा होता अगर मौत को टालना संभव होता। चीन की एक बायोटेक कंपनी ने दावा किया है कि वह एक ऐसी दवा बना रही है, जो इंसान की उम्र को 150 साल तक बढ़ा सकती है। यह दवा अंगूर के बीज से निकले एक प्राकृतिक तत्व पर आधारित है। लेकिन वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है की यह अभी सिर्फ दावा है, इंसानों पर टेस्टिंग अभी भी बाकी है।

कंपनी का बुढ़ापा खत्म करने का दावा

शेनझेन की कंपनी लॉनवी बायोसाइंसेज इस दवा पर काम कर रही है। दवा का मेन इंग्रीडिएंट प्रोस्यानिडिन सी1 (PCC1) है,जो अंगूर के बीज के अर्क में मिलता है। कंपनी का कहना है कि यह दवा शरीर के कमजोर टिश्यू को चुनिंदा तरीके से खत्म करेगी, जबकि हैल्थी टिश्यू को प्रोटेक्ट करेगी। इससे उम्र बढ़ने का प्रोसेस रुकेगा और लाइफ लंबी हो जाएगी। कंपनी के सीईओ यिप त्सझो (जिको) ने इसे 'लॉन्गेविटी साइंस का होली ग्रेल' बताया। उन्होंने कहा, "हैल्थी लाइफस्टाइल के साथ मिलाकर, 150 साल जीना कुछ ही सालों में हकीकत बन जाएगा।"

चूहों पर सफल टेस्टिंग

यह दावा 2021 में नेचर मेटाबॉलिज्म जर्नल में छपी एक स्टडी पर आधारित है। चूहों पर किए गए टेस्ट में PCC1 ने कमाल दिखाया। इसमें पुराने टिश्यू को चुनिंदा तरीके से खत्म किया। हैल्थी टिश्यू को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। दवा लेने वाले चूहों की जिंदगी औसतन 9% ज्यादा लंबी हुई। इलाज शुरू होने के बाद की उम्र गिनें तो 64.2% ज्यादा हुई। कंपनी अब इसी तकनीक को इंसानों के लिए गोली के रूप में तैयार कर रही है।

वैज्ञानिकों की चेतावनी

इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन एजिंग के विशेषज्ञ ने चेतावनी देते हुए कहा, चूहों पर टेस्टिंग का रिजल्ट सही आया हैं, लेकिन इंसानों पर इसे अप्लाई करना थोड़ा मुश्किल है। दवा की सुरक्षा और इफेक्टिवनेस साबित करने के लिए बड़े क्लिनिकल ट्रायल जरूरी है।

चीन में लॉन्गेविटी रिसर्च को राष्ट्रीय प्राथमिकता

चीन सरकार और निजी कंपनियां लंबी उम्र की रिसर्च में भारी निवेश कर रही हैं। दुनिया भर में एंटी-एजिंग स्टडीज बढ़ रही हैं, लेकिन अभी इस रिसर्च को सफलता मिलने में सालों लगेंगे।