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विवादों के बीच भारत ने बचाई मालदीव की अर्थव्यवस्था, पीएम मोदी को कहा धन्यवाद

भारत ने मालदीव (Maldives) को कुछ मात्रा में जरूरी सामानों के निर्यात की परमिशन दे दी है। मालदीव ने भारत को धन्यवाद दिया है। मालदीव के विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत के इस कदम से दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध मजबूत होंगे।

Apr 06, 2024 / 04:27 pm

Jyoti Sharma

 Maldives thanks to India For India allowed export of goods to Maldives

Maldives thanks to India For India allowed export of goods to Maldives (Representational Image)

मालदीव और भारत के बीच बिगड़ते संबंधों (India-Maldives Conflict) के दरमियान एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत के आगे डींगे मारते मालदीव की अब हेकड़ी निकल गई है। अकड़े में रहने वाले मालदीव (Maldives) को आखिर भारत के आगे झुकना ही पड़ा। मालदीव ने अब भारत को धन्यवाद दिया है। दरअसल भारत ने मालदीव को कुछ वस्तुओं का दोबारा निर्यात करने की परमिशन दे दी है। मालदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर ने इस मामले में कहा कि उनके देश के लिए जरूरी वस्तुओं की कुछ मात्रा के निर्यात की परमिशन जो भारत ने दी है उससे पता चलता है कि भारत, मालदीव के साथ चली आ रही द्विपक्षीय संबंध और व्यापार को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

https://twitter.com/DrSJaishankar?ref_src=twsrc%5Etfw

भारत का फैसला

मालदीव (Maldives) से निर्यात को परमिशन देने के बाद भारतीय उच्चायोग ने कहा था कि मालदीव सरकार के अनुरोध पर भारत ने साल 2024-25 के लिए कुछ सीमित कोटे में जरूरी सामानों के निर्यात की परमिशन दे दी है। भारतीय उच्चायुक्त ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मिशन के नोटिस में कहा है कि “1981 में ये व्यवस्था लागू होने के बाद से स्वीकृत मात्रा सबसे ज्यादा है।”

https://twitter.com/HCIMaldives/status/1776210892868231604?ref_src=twsrc%5Etfw

मालदीव के विदेश मंत्री ज़मीर ने इस कदम के लिए भारत को धन्यवाद दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (एक्स) पर कहा कि “मैं मालदीव को वर्ष 2024 और 2025 के दौरान भारत से आवश्यक वस्तुओं का आयात करने में सक्षम बनाने के लिए कोटा के नवीनीकरण के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारत सरकार को ईमानदारी से धन्यवाद देता हूं। ये वास्तव में एक संकेत है जो हमारे दोनों देशों के बीच चिरकालिक मित्रता और द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्य को और आगे बढ़ाने की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

https://twitter.com/MoosaZameer?ref_src=twsrc%5Etfw

मालदीव के विदेश मंत्री के इस बयान पर भारत ने प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी नेबरहुड फर्स्ट और SAGAR नीतियों के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (SAGAR) हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग की भारत की नीति या सिद्धांत है।

भारत-मालदीव के संबंध सुधार सकता है ये फैसला

भारत-मालदीव के बीच निर्यात के कोटे को बढ़ाने का ऐलान मालदीव और भारत के रिश्तों के बीच जम रही बर्फ (India-Maldives Conflict) को पिघलाने का काम कर सकता है। पिछले साल नवंबर से दोनों देशों के बीच एक राजनयिक विवाद पैदा हो गया था, जब मालदीव के 3 उपमंत्रियों ने भारत, देश के लक्षद्वीप और प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट की थी। इससे पहले भी मालदीव के भारत विरोधी होने के संकेत तब मिले थे जब मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohammed Muizzu) ने शपथ लेने के कुछ घंटों के भीतर ही भारत से अपने 88 सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने की मांग की थी। जिसके लिए उनकी ही शह पर मालदीव में इंडिया आउट का अभियान चलाया गया था। गौरतलब है कि मुइज्जू चीन के समर्थक माने जाते हैं और लगातार वो भारत विरोधी फैसले ले रहे हैं।

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