
Bridge (Representational Photo)
दुनियाभर में आए दिन ही नई तकनीकों का विकास हो रहा है। अब अमेरिका में ऐसा ही देखने को मिला है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक का विकास किया है जिसके इस्तेमाल से सैटेलाइट्स से यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन-सा पुल खतरे में है। इस तकनीक के इस्तेमाल से पुलों के गिरने से पहले ही सैटेलाइट्स उनके 'वॉर्निंग सिग्नल' को पहचान लेंगे।
वैज्ञानिकों ने रिसर्च में दुनियाभर के 744 पुलों का विश्लेषण किया। रिसर्च के अनुसार नॉर्थ अमेरिका और अफ्रीका के पुल सबसे खराब स्थिति में हैं। इस रिसर्च में 'सिंथेटिक अपर्चर रडार' (एसएआर) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह तकनीक ज़मीन में होने वाले मामूली बदलावों, जैसे भूस्खलन या मिट्टी धंसने के कारण पुल में आने वाले महज कुछ मिलीमीटर के झुकाव को भी सटीकता से माप सकती है।
जहाँ ज़मीन पर जाकर जांच करना मुश्किल है, वहाँ रिमोट सेंसिंग तकनीक रखरखाव का खर्च कम करेगी और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करेगी। सैटेलाइट डेटा से हाई-रिस्क वाले पुलों की सूची में 33% तक की कमी आ सकती है। पारंपरिक सेंसर लगाना महंगा है, लेकिन सैटेलाइट से 60% से ज़्यादा लंबे पुलों की नियमित निगरानी संभव है।
Updated on:
13 Mar 2026 01:49 pm
Published on:
13 Mar 2026 01:49 pm
