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South Africa Elections 2024: इतिहास में पहली बार साउथ अफ्रीका के ‘गांधी’ नेल्सन मंडेला की पार्टी को नहीं मिला बहुमत, भारत समेत हैरान दुनिया

South Africa Elections 2024: ये नतीजे साउथ अफ्रीका ही नहीं भारत समेत पूरी दुनिया के लिए बेहद हैरान कर देने वाले परिणाम हैं। क्योंकि जिन नेल्सन मंडेला ने रंगभेद के खिलाफ आवाज़ उठाकर 30 साल पहले श्वेत अल्पसंख्यक शासन को जड़ से उखाड़ दिया था वो आज फिर उनकी पार्टी उसी रास्ते पर आकर खड़ी हो गई है।

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South Africa Elections 2024

South Africa Elections 2024

इस बार साउथ अफ्रीका (South Africa Elections 2024) के चुनाव में वो हुआ, जो इस देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ। रविवार को इस चुनाव के घोषित नतीजों में अफ्रीका के गांधी, रंगभेद (Racism) के खिलाफ दुनिया में आवाज़ उठाने वाले, नोबेल पुरस्कार विजेता और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) की पार्टी अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस पार्टी यानी ANC बहुमत पाने से चूक गई है। अब वहां पर गठबंधन की सरकार बनानी होगी। ये साउथ अफ्रीका ही नहीं भारत समेत पूरी दुनिया के लिए बेहद हैरान कर देने वाले परिणाम हैं। क्योंकि जिन नेल्सन मंडेला ने रंगभेद के खिलाफ आवाज़ उठाकर 30 साल पहले श्वेत अल्पसंख्यक शासन को जड़ से उखाड़ दिया था वो आज फिर उनकी पार्टी उसी रास्ते पर आकर खड़ी हो गई है।

South Africa Elections 2024 में बहुमत से चूक गई मंडेला की पार्टी

रविवार को हो रही वोटों की गिनती के मुताबिक साउथ अफ्रीका में फाइनल रुझान आ गए हैं। जिसमें नेल्सन मंडेला की पार्टी ANC को सिर्फ 40% वोट मिले। जो 1994 के प्रसिद्ध सर्व-जाति वोट में मिले बहुमत से काफी कम है। इस साल साउथ अफ्रीका (South Africa) की जनता ने रंगभेद को मिटाने वाले नेल्सन मंडेला को चुना था। तब पहली बार नेल्सन मंडेला साउथ अफ्रीका के पहले राष्ट्रपति बने थे।

गठबंधन की बनेगी सरकार

साउथ अफ्रीका के इस चुनाव में (South Africa Elections 2024) ANC किसी तरह से सबसे बड़ी पार्टी बनी रही। हालांकि, अब सरकार में बने रहने और वर्तमान राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा (Cyril Ramaphosa) को दूसरे और अंतिम आखिरी कार्यकाल के लिए फिर से चुनने के लिए गठबंधन करना होगा। राष्ट्रीय चुनावों के बाद संसद दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रपति का चुनाव करती है। साउथ अफ्रीका के विपक्षी नेता जॉन स्टीनहुइसन ने कहा कि "दक्षिण अफ्रीका को बचाने का तरीका ANC के बहुमत को तोड़ना है और हमने ऐसा किया है।"

जैकब जुमा बन सकते हैं दोबारा राष्ट्रपति

बता दें कि स्टीनहुइसेन की डेमोक्रेटिक अलायंस पार्टी लगभग 21% वोट पर थी। पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा की नई MK पार्टी, जो ANC के खिलाफ हो गई है जिसका उन्होंने कभी नेतृत्व किया था। जैकब जुमा फिलहाल तो विपक्षी पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। लेकिन अगर ANC उन्हें मनाने में कामयाब हुई तो वो पार्टी को समर्थन दे सकते हैं और दोबारा राष्ट्रपति भी बन सकते हैं।