अफगानिस्तान में बचे हुए अमरीकी नागरिकों को देश नहीं छोड़ने दे रहा तालिबान, सौदेबाजी के लिए कर सकता है इस्तेमाल

अमरीका लगातार उन्हें वहां से निकालने का प्रयास कर रहा है लेकिन तालिबान ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी है।

By: Mahendra Yadav

Updated: 06 Sep 2021, 02:04 PM IST

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अमरीका ने 31 अगस्त को अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया। साथ ही अफगानिस्तान में रह रहे अपने ज्यादातर नागरिकों को भी वहां से निकाल लिया है। हालांकि इसके बाद भी कई अमरीकी नागरिक अभी अफगानिस्तान में ही फंसे हुए हैं। अमरीका लगातार उन्हें वहां से निकालने का प्रयास कर रहा है लेकिन तालिबान ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। दरअसल, तालिबान ने अमरीकी नागरिकों समेत लगभग 1000 लोगों के देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि इसके जरिए तालिबान, अमरीका के साथ कोई सौदा कर सकता है।

हवाई अड्डे पर रोका
अमरीकी संसद की विदेश मामलों की समिति में एक वरिष्ठ रिपब्लिकन सदस्य ने कहा है कि अमरीकी सेना के अफगानिस्तान से निकलने के बाद पीछे छूट गए कुछ अमरीकी नागरिक हवाई अड्डे पर विमान में बैठे हैं, लेकिन तालिबान उन्हें वहां से जाने नहीं दे रहा है और विमान को उड़ने की इजाजत नहीं दे रहा है। अमरीकी मीडिया रिपोर्ट्स में भी बताया गया है कि तालिबान दर्जनों अमरीकी नागरिकों सहित लगभग 1000 लोगों को अफगानिस्तान छोड़ने से रोक रहा है।

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तालिबान ने रखी मांगे
प्रतिनिधि सभा के सदस्य माइकल मैक्कॉल ने कहा है कि मजार-ए-शरीफ हवाई अड्डे पर खडे 6 विमानों में कुछ अमरीकी नागरिक और अफगान अनुवादक मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि तालिबान ने उन लोगों को बंधक बनाकर रखा है। तालिबान इन विमानो को उड़ने की अनुमति नहीं दे रहा है। मैक्कॉल ने एक इंटरव्यू में बताया कि तालिबान ने कुछ मांगें रखी हैं। हालांकि मैक्कॉल ने इन मांगों के बारे में मीडिया को नहीं बताया।

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सौदेबाजी करना चाहता है तालिबान
वहीं निकासी अभियान से जुड़े पेंटागन के एक अधिकारी ने कहा कि तालिबान इन लोगों को सौदेबाजी के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिन लोगों को तालिबान देश छोड़ने से रोक रहा है, ये वे लोग हैं जिन्होंने अमरीका का सहयोग किया और अब वे उन्हें दंडित करना चाहते हैं। वहीं मैककॉल ने कहा कि उन्हें डर है तालिबान उन नागरिकों को देश छोड़ने के बदले में अनन मांगें पूरी कराने के लिए दबाव बना सकता है। इन मांगों में नकदी की भी हो सकती है या फिर तालिबान अपनी सरकार को मान्यता दिए जाने की मांग भी कर सकता है।

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