एक ओर तो भारत में अमीरों की संख्या लगातार बढऩे के आसार हैं, वहीं विभिन्न स्तरों पर असमानता प्रतिष्ठा पर पानी फेर सकती है। भारत में जातिगत भेदभाव और सामाजिक तौर पर असमानता से आर्थिक असमानता बढ़ेगी। ब्राजील और चीन जैसे उभरते बाजारों में भी कमोवेश ऐसी स्थिति बनती दिख रही है।