यौन उत्पीड़न मामले में जोधपुर जेल में बंद आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले कृपाल सिंह की शनिवार देर रात मौत हो गई। शाहजहांपुर जिले में अज्ञात हमलावरों ने कृपाल सिंह को शुक्रवार को गोली मार दी थी। इस केस में गवाहों के खिलाफ यह 9वां हमला है। वहीं कृपाल सिंह को लेकर अब तक तीन गवाहों की मौत हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार 35 वर्षीय कृपाल सिंह शुक्रवार रात पुवायां इलाके में बाजार से अपने घर की तरफ जा रहा था। इसी बीच मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो हमलावरों ने गोलियां दाग दी। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जोधपुर यौन उत्पीड़न केस में अहम गवाह था कृपाल सिंहकृपाल एक परिवहन कंपनी का कर्मचारी था। जिसके मालिक की बेटी ने 2013 में राजस्थान के जोधपुर में 74 साल के आसाराम पर यौन उत्पीडन का मामला दर्ज कराया था। इस केस में कृपाल एक अहम गवाह था और तीन माह पहले आसाराम के खिलाफ उसका बयान कोर्ट में दर्ज किया गया था।
आसाराम से जुड़े तीन लोग दे रहे थे जान से मारने की धमकीपुलिस के मुताबिक पीड़ित लड़की के पिता ने जांच के दौरान कहा कि कृपाल सिंह को अासाराम से जुड़े तीन लोग धमकियां दे रहे थे, जिस मामले में हमने आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। कृपाल सिंह के मेजिस्ट्रेट को दिए गए बयान के मुताबिक उसे लगातार आसाराम से जुड़े तीन लोगों की ओर से धमकी दी जा रही थी।
अब तक हुए हमलों में तीन गवाहों की मौतअासाराम मामले में गवाह कृपाल सिंह पर हमला कोई पहला मामला नहीं है। इसके अलावा और भी कई लोगों पर हमले हो चुके हैं। कृपाल सिंह के अलावा आठ लोगों पर हमला किया जा चुका है। जिनमें से अब तक तीन की मौत हो चुकी है। मरने वालों में कृपाल सिंह, अखिल गुप्ता और अमृत प्रजापति शामिल है।
इन लोगों पर हुए अबतक हमले- कृपाल सिंह
(मौत)- अखिल गुप्ता
(मौत) - महेंद्र चावला
- अमृत प्रजापति
(मौत) - राहुल सचान
- राहुल चंडोक
- दिनेश भागचंदानी
- विमलेश ठक्कर
- राहुल पटेल