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हेडली का खुलासा- बाल ठाकरे को मारना चाहता था लश्कर 

डेविड हेडली ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपने बयान में चौथे दिन यह बताया कि पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा मुंबई के हवाई अड्डे को निशाना बनाना चाहता था। 

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pawan kumar pandey

Feb 12, 2016

आतंकवादी डेविड हेडली ने शुक्रवार को विशेष अदालत को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपने बयान में चौथे दिन यह बताया कि पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा मुंबई के हवाई अड्डे को निशाना बनाना चाहता था। हेडली ने बताया कि उसने शिवसेना भवन की रेकी की थी और उसका वीडियो लश्कर को दिया था क्योंकि वह फ्यूचर में शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे को निशाना बनाना चाहते थे।

हेडली ने कहा कि उसने मुंबई में वर्ली, गेट वे ऑफ इंडिया और कफ परेड की रेकी की थी लेकिन आतंकवादियों को मुंबई घुसने के लिए कफ परेड को चुना गया था। उसने बताया कि मुंबई हवाई अड्डे पर हमला नहीं होने से लश्कर के आतंकी नाराज थे। मेजर इकबाल ने भी रेकी के बाद भी हवाई अड्डे पर हमला नहीं होने पर नाखुशी जताई थी।

हेडली के खुलासे-

- हेडली ने बताया कि उसने शिवसेना भवन की रेकी की थी और उसका वीडियो लश्कर को दिया था क्योंकि वह शिवसेना भवन और पार्टी प्रमुख बाला साहेब ठाकरे को निशाना बनाना चाहते थे।

- हेडली ने बताया कि वह राजाराम रेगे से शिवसेना के मुख्यालय शिव सेना भवन दादर में मिला था, क्योंकि मेरी दिलचस्पी इमारत का आकलन करने में थी।

- मेजर इकबाल ने मुझे मुंबई नेवल एयर स्टेशन का सर्वे करना के लिए कहा था, जिसके बारे में लश्कर के लोगों ने चर्चाएं की। मैंने नेवल स्टेशन और सिद्दिविनायक मंदिर में भारी सिक्योरिटी होने के कारण लश्कर को डिस्करेज किया था।
- मेजर इकबाल ने कहा था कि हमारी फ्यूचर प्लानिंग भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के लोगों को आईएसआई में भर्ती करना, जिससे क्लासीफाइड जानकारी प्राप्त हो सके। हेडली ने बताया कि उसने रिसर्च सेंटर का भी वीडियो बनाया था और साजिजद और मेजर इकबाल को सौंपा था।

- लखवी ने कहा था कि 26/11 हमला बहुत जरुरी है, यह उन सभी बम ब्लास्ट्स का जवाब है जो भारत ने पाकिस्तान में किए, यह हमारा बदला है।

- पाकिस्तान लौटने के बाद मैंने यह रिस्ट बैंड साजिद मीर को दिया। उसने सोचा कि यह सही आइडिया है।

- हेडली ने बताया कि उसने मुंबई के सिद्दिविनायक मंदिर के परिसर का वीडियो बनाया था और 15-20 रिस्ट बैंड (कलावा या रक्षा सूत्र) खरीदे थे, ताकि 26/11 के हमलावर इंडियन जैसे लग सके। इससे उनकी पहचान छुपाने में मदद मिल सके।

इशरत के बारे में हेडली का खुलासा
डेविड कोलमैन हेडली ने गुरुवार को गवाही के तीसरे दिन कहा- इशरत जहां फिदायीन आतंकी थी और वो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी थी। हेडली ने ये भी बताया है कि इशरत मुजम्मिल नाम के लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी के साथ काम करती थी। लश्कर की महिला विंग की हेड अब ऐमान और मुजम्मिल लश्कर के आतंकी हैं, जिनकी कश्मीर में हमला करने की योजना थी, लेकिन हमला नहीं हुआ।

आतंकियों को फंडिंग और सपोर्ट पर क्या बोला हेडली
हेडली ने बताया- आईएसआई, लश्कर-ए-तैयबा को वित्तीय, सैन्य एवं नैतिक मदद करता है। उसने इस संबंध में आईएसआई के चार अधिकारियों ब्रिज रियाज, कर्नल रियाज, कर्नल शाह, लेफ्टिनेंट हाम्जा और मेजर समर अली की पहचान की। डेविड हेडली ने बताया कि वह लश्कर के साथ आईएसआई के लिए भी काम करता था। मेजर इकबाल ने मुझे ऐसे इंडियन आर्मी के लोगों की भर्ती करने को कहा था जो ISI के लिए जासूस का काम करें।

किसके लिए काम करता था हेडली
हेडली ने कहा कि वह जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद के निर्देश पर लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था। 26/11 को हुए हमले से पहले भी 2 बार अटैक की कोशिश की गई थी। पहली कोशिश सितंबर 2008 में हुई थी लेकिन समुद्र में नाव के चट्टानों से टकरा जाने के कारण हथियार और विस्फोटक नष्ट हो गए थे। हालांकि नाव में सवार लोग बच गए थे। दूसरी कोशिश अक्टूबर 2008 में हुई थी, लेकिन वह अटैक फेल हो गया। मुंबई पर हुआ तीसरा और आखिरी अटैक (26/11) सक्सेसफुल रहा।