प्राधिकरण ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को जारी निर्देश में कहा है कि नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी (टेस्टमेकर सहित) स्तरीय खाद्य पदार्थ नहीं हैं और इसलिए ये खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून, 2006 की धारा 22 के अंतर्गत आते हैं और इनके उत्पादन एवं बिक्री के लिए जारी मंजूरी शर्तों पर आधारित है।
उसने कहा कि नेस्ले के 'मैगी नूडल्स' तथा अन्य कंपनियों के नूडल्स की हाल में की गयी जाँच से उत्पन्न चिंता के मद्देनजर इन उत्पादों के नमूने लेकर प्राधिकृत प्रयोगशालाओं में उनकी जाँच करायी जानी चाहिए।
प्राधिकरण ने जहाँ नियामक मंजूरी लेकर बाजार में उतारे गये उत्पादों की प्रयोगशाला में जाँच के आदेश दिए हैं, वहीं बिना मंजूरी के बिक रहे उत्पादों के बारे में कहा है कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त इनका बाजार से वापस लिया जाना और नष्ट किया जाना सुनिश्चित करें।
इन कंपनियों के उत्पादों की होगी जांच
एफएसएसएआई ने जिन कंपनियों के नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी के जांच के आदेश दिए हैं, उनमें नेस्ले इंडिया, आईटीसी, इंडो निसिन फूड लिमिटेड, जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर, सीजी फूड्स इंडिया, रचि इंटरनेशनल और एए न्यूट्रिशन लिमिटेड शामिल हैं।