
गूगल इंडिया, याहू इंडिया और माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन जैसे सर्च इंजन लिंग निर्धारण संबंधी विज्ञापनों को ब्लॉक करने के बारे में सुप्रीमकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं। यह जानकारी गुरुवार को सुप्रीमकोर्ट को दी गई।
देश में लड़कियों की घट रही संख्या के मद्देनजर न्यायालय के हस्तक्षेप संबंधी एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता साबू मैथ्यू जॉर्ज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारेख ने न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायाधीश प्रफुल्ल चंद पंत की खंडपीठ के समक्ष इस बात का उल्लेख किया।
पारेख ने दलील दी कि ये सर्च इंजन न्यायालय के 28 जनवरी के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं और लिंग निर्धारण की जानकारी देने वाले विज्ञापन प्रकाशित कर रहे हैं। इस पर न्यायालय ने इस बारे में संबंधित साक्ष्य बचाव पक्ष के वकीलों को तीन दिन के भीतर सौंपने का पारेख को आदेश दिया।
Published on:
27 Mar 2015 04:53 am
