
K4 Missile
देश ने समुद्र के भीतर पनडुब्बी से मार करने वाली अत्याधुनिक परमाणु मिसाइल के-4 का सफल परीक्षण किया। मिसाइल को आईएनएस अरिहन्त से दागा गया। मिसाइल से 3500 किमी की दूरी तक परमाणु हमला किया जा सकता है। मिसाइल को गोपनीय रूप से बंगाल की खाड़ी में किसी अज्ञात स्थान से दागा गया। अभी तक भारत सरकार या डीआरडीओ ने पुष्टि नहीं की है।
के-4 को परीक्षण के दौरान पानी में 20 मीटर की गहराई से दागा गया। इसने लक्ष्य भेदने के लिए 700 किमी. की दूरी तय की। यह अग्नि-3 का ही एक प्रकार है। इससे कम दूरी तक मार करने वाली के-5 का परीक्षण 2013 में किया जा चुका।
हर स्थिति में दे सकेंगे करारा जवाब
नो फर्स्ट यूज की नीति के चलते भारत के लिए तीसरा अंग सबसे महत्वपूर्ण हैं। इस नीति के चलते देश को परमाणु हथियारों की प्रयोग की जरूरत पहले हमले के बाद ही उत्पन्न होगी। ऐसे में समुद्र में छुपकर घूमती पनडुब्बी से दागी जाने वाली के-4 जैसी मिसाइल, वह विकल्प होगी जो मुख्य भूमि पर परमाणु हमले के बावजूद दुश्मन को परमाणु जवाब देने की स्थिति में होगा। अंतरराष्ट्रीय दवाब से बचने के लिए इस पूरे मिशन को भारत सरकार ने गोपनीय रखा।
1. बैलस्टिक मिसाइल के जरिए जमीन या युद्धपोतों से।
2. लड़ाकू विमानों से बम गिराने की क्षमता।
3. पनडुब्बी से लॉन्च की जाने वाली मिसाइल के जरिए।
Published on:
15 Apr 2016 01:15 pm
