
masood azhar
भारत की ओर से मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की लगातार कोशिश की जा रही है। भारत ने मंगलवार को मसूद अजहर से जुड़ी एक रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र संघ में पेश की है।
इस रिपोर्ट में भारत ने कहा है कि जैश ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकवादियों के आकाओं में से एक है। उसके संगठन को तालिबान से हथियार और प्रशिक्षण मिलता है।
भारत ने रिपोर्ट में बताया है कि मसूद अजहर से जुड़े आतंकवादी संगठन ने भारत के खिलाफ कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया है। इनमें सबसे ताजा हमला पठानकोट में इसी साल दो जनवरी को अंजाम दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मसूद अजहर 1993 से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर है। जिस वक्त वह हरकत उल मुजाहिदीन का सदस्य था। उसे फरवरी 1994 में जम्मू कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान को हाईजैक कर लिया गया और विमान यात्रियों को छोडऩे के बदले में मसूद अजहर को रिहा करना पड़ा था।
भारत की ओर से सौंपी गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 2009 में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी का बदला लेने के लिए भी लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैय्यद सलाउद्दीन के साथ मसूद अजहर ने बैठक की थी। बैठक में निर्णय लिया गया था कि पठानकोट हमले के लिए आतंकियों को प्रशिक्षण तालिबान देगा। विश्वसनीय खुफिया रिपोर्ट के अनुसार पठानकोट पर हमला करने वाले आतंकवादियों को तालिबान ने हथियारों के इस्तेमाल, रणनीति बनाने और मनोवैज्ञानिक युद्ध कौशल के बारे में सिखाया था।
मसूद अजहर को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ को बताया है कि वह आतंकवादियों की भर्ती करने, उन्हे मोटिवेट करने और फाइनेंस करने का काम करता है।
गौरतलब है कि चीन ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र संघ में अपने विशेषाधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने की राह में रोड़ा अटका दिया था।
Published on:
06 Apr 2016 10:11 am
