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परीक्षाओं में नकल रोकेंगे मोबाइल जैमर्स

हमारे देश में परीक्षा और नकल का पुराना नाता रहा है। हर साल हजारों की संख्या में नकलची परीक्षाओं के दौरान पकड़े जाते हैं। 

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Feb 12, 2016

हमारे देश में परीक्षा और नकल का पुराना नाता रहा है। हर साल हजारों की संख्या में नकलची परीक्षाओं के दौरान पकड़े जाते हैं। इनसे निपटने के लिए उठाए गए सभी कदम नाकाफी ही साबित हुए हैं।

पिछले साल नकल और पेपर लीक होने की वजह से कई परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा और दोबारा फिर आयोजित करना पड़ा। यहां तक कि देश की सुप्रीम कोर्ट ने भी नकल मामले को गंभीरता से लेने के लिए निर्देशित किया था।

जल्द ही देश में आयोजित होने वाली सभी यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में सिग्नल जैमर्स का उपयोग किया जाएगा। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने देश की सभी 46 केंद्रीय तथा राज्यों की यूनिवर्सिटीज से कहा है कि वो परीक्षाओं के दौरान सिग्नल जैमर्स का उपयोग करें।

काम नहीं करेंगे गैजेट्स
जैमर्स से मोबाइल तथा इंटरनेट के माध्यम से चलने वाले गैजेट्स को नकल के लिए उपयोग नहीं किया जा सकेगा। गौरतलब है कि नकलचियों ने परीक्षा के दौरान एक से बढ़कर गैजेट तथा तकनीक का उपयोग शुरू कर दिया है।

वायरलेस डिवाइस तथा ब्लूटूथ तकनीक की मदद से भी परीक्षाओं में नकल की जा रही है। यही वजह है कि अब ऐसे डिवाइसेस को अनुपयोगी बनाने के लिए जैमर का उपयोग किया जाएगा।

एआईपीएमटी में हुआ था उपयोग
पिछले साल देश के शीर्ष मेडिकल (एआईपीएमटी) तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा के दौरान पहली बार सिग्नल जैमर्स का उपयोग किया गया था। दिल्ली यूनिवर्सिटी, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से कहा गया है कि वे मार्च में आयोजित होने वाली परीक्षाओं से पहले जैमर्स की व्यवस्था कर लें।

केंद्र सरकार भी गंभीर
देश में बढ़ते नकल के मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और केबिनेट सचिवालय ने यूजीसी से कहा है कि केवल उन्हीं कंपनियों से जैमर खरीदे जाएं, जो उच्च क्वालिटी के उत्पाद बनाती हैं। दोयम दर्जे के जैमर्स को लगाने का कोई फायदा नहीं होगा।

सचिवालय ने कहा है कि देश में केवल दो कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन तथा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ही जैमर्स को बनाने के लिए अधिकृत हैं। इन जैमर्स को किराए पर भी लिया जा सकेगा।