
दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम सामने आने और उसमें पार्टी की शर्मनाक पराजय होने के 24 घंटे बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज गुम है।
विधानसभा चुनाव में पार्टी और मोदी ने अपनी प्रतिष्ठा दांव पर होने के जैसी मेहनत की थी लेकिन काम नहीं आई। मोदी ने कहा था कि यहां के चुनाव परिणाम राष्ट्रीय इच्छा की अभिव्यक्ति का संकेत होगा।
मोदी ने आम आदमी पार्टी (आप) के समन्वयक अरविंद केजरीवाल को फोन पर बधाई दी और कहा कि दिल्ली के विकास में केंद्र सरकार पूरा सहयोग देगी। लेकिन प्रधानमंत्री ने विधानसभा चुनाव परिणाम पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी नहीं कहा है।
इससे पहले मोदी ने महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा और जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली जीत पर असंख्य ट्वीट कर अपने विचार व्यक्त किए थे।
दिल्ली का परिणाम घोषित हो जाने के बाद मोदी ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक की थी और माना जाता है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ परिणाम पर बातचीत की थी।
भाजपा को दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से मात्र तीन सीटों पर ही जीत मिल सकी जबकि आप ने 67 सीटों पर परचम लहराया।
2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे ज्यादा सीटें जीत कर पहुंची थी लेकिन सरकार बनाने लायक संख्या नहीं मिलने के कारण कांग्रेस के सहयोग से आप की सरकार बनी थी और जनलोकपाल विधेयक को लेकर उत्पन्न स्थिति से खिन्न केजरीवाल ने मात्र 49 दिनों में ही इस्तीफा दे दिया था।
Published on:
11 Feb 2015 08:13 pm
