
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी अब पार्टी के हाशिए पर डाल दिए गए हैं। कभी अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी के बाद पार्टी के तीसरे मजबूत स्तम्भों में गिने जाने वाले जोशी को इलाहाबाद में हो रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने का निमंत्रण तक नहीं दिया गया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से जोशी बिल्कुल गायब हैं।
शहर में लगे कार्यकारिणी के पोस्टरों तक में भी जोशी को कहीं जगह नहीं मिली है। गौरतलब है कि मुरली मनोहर जोशी इलाहाबाद से तीन बार लोकसभा सांसद रहे हैं और वह शहर में दो दिनों से हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें बिल्कुल तवज्जों नहीं दी। इसके चलते पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने जोशी के समर्थन में पोस्टर चिपका विरोध भी जताया है।
आडवाणी जोशी में मंथन
सूत्रों के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व कई बड़े दिग्गज रविवार को जब कार्यसमिति का मसौदा तय करने में लगे थे उसी समय एक और समानांतर मंथन चल रहा था। यह मंथन लालकृष्ण आडवाणी और मुरलीमनोहर जोशी के बीच था। दोनों नेताओं ने काफी देर तक अकेले में गुफ्तगू की।
जोशी जी का अपमान नहीं तो और क्या?
मुरली मनोहर जोशी के एक करीबी नेता ने कहा, "यह जोशी जी का अपमान नहीं तो और क्या है? जानबूझकर उनका कद छोटा किया जा रहा है। उन्हें ऐसी सजा क्यों दी जा रही है?" उन्होंने कहा कि भाजपा में अब बाहरी नेताओं की पूछ ज्यादा हो रही है। नेतृत्व भाजपा को कांग्रेसमुक्त नहीं कांग्रेसयुक्त करने पर तुला हुआ है और अपने वरिष्ठ नेताओं से दूरी बना रहा है।

Published on:
12 Jun 2016 09:40 pm
