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‘सामना’ के लेख पर नीतीश, लालू ने जताई आपत्ति

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में मुसलमानों के मताधिकार खत्म कर देने संबंधी लेख पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि शिवसेना की यह बात संविधान के खिलाफ है।

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santosh khachriyawas

Apr 14, 2015

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में मुसलमानों के मताधिकार खत्म कर देने संबंधी लेख पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि शिवसेना की यह बात संविधान के खिलाफ है।

मुख्यमंत्री ने पटना में सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, ''देश संविधान से चलता है। देश को किसी की बातों से नहीं चलाया जा सकता। शिवसेना ने जो बातें कही हैं, वे निहायत गलत हैं।''

उन्होंने कहा कि शिवसेना की सोच निंदनीय और लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। यह पार्टी सियासी फायदे के लिए समाज में नफरत फैलाने वाली बातें जानबूझकर करती रहती है।

वहीं, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने 'सामना' में छपे लेख की निंदा करते हुए कहा, ''शिवसेना की रोजी-रोटी व पूंजी यही है। वे सांप्रदायिक बोल बोलने वाले खानदानी लोग हैं।''

उन्होंने कहा, ''कोई किसी का मताधिकार नहीं छीन सकता। यह फालतू बात है।''

उल्लेखनीय है कि 'सामना' के नवीनतम अंक में शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अपने लेख में बाल ठाकरे के बयान का जिक्र करते हुए कहा है कि देश में मुसलमानों के मतदान का अधिकार छीनने से ही मुस्लिम वोट बैंक के नाम पर हो रही सियासत खत्म होगी।

राउत ने मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद और मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन के ओवैसी भाइयों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सबने मुसलमानों का इस्तेमाल सिर्फ सियासी फायदे के लिए किया है।