
लोकसभा में उस समय हंसी का फव्वारा छूट पड़ा जब सदन से 100वें संविधान संशोधन विधेयक को निर्विरोध पारित करने की अपील करने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज खुद ही चूकवश एक बार इसके विरोध में लाल बटन दबा बैठीं।
भारत बांग्लादेश सीमा भूमि समझौते संबंधी सौंवे संविधान संशोधन विधेयक पर ढाई घंटे तक चली चर्चा का जवाब देते हुए स्वराज ने अपील की कि जिस प्रकार यह विधेयक बुधवार को राज्यसभा में निर्विरोध पारित हुआ है।
उसी प्रकार अगर इस सदन में हम वोटिंग के समय दिखा दें कि राष्ट्रहित के मुद्दों पर पूरा सदन एक है तो इससे न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि पूरे विश्व को बहुत अच्छा संदेश जाएगा।
इसके बाद अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक को दो तिहाई बहुमत से पारित करना होता है। इसलिए सभी सदस्य अपनी सीट से मतदान में भाग लेंगे।
उन्होंने प्रक्रिया को छोटा करने के मकसद से कहा कि चूंकि सभी सदस्य वोटिंग प्रक्रिया जानते हैं इसलिए इसे देाहराने की जरूरत नहीं है अत: सदस्य सीधे बटन दबा कर मतदान करेंगे।
जैसे ही विधेयक को पारित करने की स्वीकृति के वास्ते मतदान के लिए बीप की ध्वनि हुई सभी सदस्यों ने हरे बटन दबाए लेकिन वे यह देखकर चौंक गए कि मतदान बोर्ड पर स्वराज की सीट की रोशनी लाल थी।
इस पर विपक्षी सीटों से हंसी ठहाके छूटने लगे। बोर्ड पर 320 मत पक्ष में तथा एक वोट विपक्ष में अंकित दिखाई दिया।
स्वराज भी झेंप गयीं और उन्होंने मुसकराते हुए लोकसभा टेबल अधिकारियों से स्लिप मांगी और फिर से अपना वोट दिया। अध्यक्ष भी इसे देख कर अपनी मुस्कराहट छिपा नहीं सकीं।
बाद में उन्होंने स्लिप को गिनती में शामिल कर मतदान का नतीजा घोषित किया। उन्होंने बताया कि 323 सकारात्मक वोट मिले हैं और विरोध में कोई वोट नहीं है। इसके बाद आगे कार्यवाही बढ़ी।
Published on:
08 May 2015 01:02 am
