
Sadhvi Saraswati
देश के विभिन्न हिन्दू संगठनों द्वारा बीफ खाने और गोवध को लेकर हो रहे चर्चा के बीच साध्वी सरस्वती भी कूद पड़ी हैं। बीफ खाने को लेकर साध्वी ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि जो लोग शान की बात समझकर बीफ खाते हैं उन्हें बीच चौराहे फांसी पर लटका देना चाहिए। तो वहीं साध्वी के बयानों की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है।
गोवा में आयोजित चार दिवसीय ऑल इंडिया हिंदू कंवेंशन में हिस्सा लेने साध्वी सरस्वती यहां पहुंची थीं। जहां उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग बीफ खाते हैं और उसे वह अपना स्टेटस सिंबल के तौर पर देखते हैं ऐसे लोगों को जनता के पास ले जाकर फांसी पर लटका देना चाहिए। तब जाकर लोगों को मामूल होगा कि गोमाता की रक्षा का कर्तव्य हमारा है। उनका कहना कि मैं पीएम मोदी से ऐसे लोगों को फांसी देने की अपील करती हूं।
कार्यक्रम का आयोजन हिंदू जागृत समिति सनात संस्था की ओर से आयोजित किया गया था, जहां देशभर के कई संतों ने बी हिस्सा लिया। जहां साध्वी सरस्वती ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में सबसे बड़ी चुनौती गैर हिंदू को हिंदू बनाना नहीं है बल्कि जो पहले से हिंदू है उन्हें हिंदू बयाना है। उन्होंने देश में सेक्युलर की पहचान रखने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग मुखौटा पहन ऐसे एजेंडे चला रहे हैं पहले उन्हें सबक सिखाना होगा। साथ ही हमें इसके लिए शस्त्र रखना होगा, क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो आने वाले समय में हमारा विनाश हो जाएगा।
वहीं साध्वी सरस्वती के बयानों की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि यह बयान समाज में घृणा फैलाने जैसा है और इस विवादित बयान के खिलाफ साध्वी पर कार्यवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस ने इसे हेट स्पीच कहा है। साथ ही कहा कि इस मामले पर मनोहर पर्रीकर सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करते हैं।
गौरतलब है कि एक कट्टर हिंदू की पहचान रखने वाली साध्वी सरस्वती का जन्म मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुआ है। तो वहीं केवल 5 साल की उम्र से ही वह राम कथा का वाचन शुरु कर दिया था। लेकिन इस बार बीफ पर दिया गया उनका बयान सुर्खियों में है। कार्यक्रम के अद्धाधन के मौके पर बोलते हुए साध्वी ने कहा कि देश में भगवा आतंकवाद जैसी कोई बात नहीं है। भगवा का मतलब देश और धर्म के लिए अपने जीवन को समर्पित कर देना होता है।
Published on:
15 Jun 2017 05:24 pm
