जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में देशविरोधी गतिविधियों पर जारी विवाद को लेकर शहर में एक ओर जहां सड़क पर राजनीति नजर आ रही है, वहीं दूसरी ओर छात्रों का सोशल मीडिया पर भारी रोष देखने को मिल रहा है।
एबीवीपी, एनएसयूआई और वामपंथी विचारधार से जुड़े छात्र संगठनों के प्रतिनिधि हालांकि पूरे मामले में अलग-अलग मत रख रहे हो, लेकिन राष्ट्रविरोधी नारेबाजी को लेकर एक स्वर में सभी का विरोध सामने आ रहा है।
उधर, इस पूरे मामले में राजनीतिक तूल की आंशका के चलते खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट है। विवि से लेकर कॉलेजों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
विरोध में हर दिन नया संदेशजेएनयू विवाद को लेकर सर्वाधिक सक्रियता सोशल मीडिया पर है। विवि के कई छात्रों ने तो अलग-अलग ग्रुप बनाकर अपनी भावनाएं एक-दूसरे तक पहुंचा रहे है। इस दौरान हर दिन कोई न कोई नया संदेश जेएनयू विवाद के विरोध में सामने आ रहा है। इसमें राष्ट्रविरोध गतिविधियों की आलोचना के अलावा घटना के जिम्मेदारों को शहीदों की कुर्बानी याद दिलाई जा रही है। छात्रों का कहना है कि देश के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त योग्य नहीं है।
गिरफ्तारी का विरोधजेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैयालाल की गिरफ्तारी एवं पटियाला न्यायालय के बाहर मारपीट की घटना के विरोध में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी और एआईएसएफ का राजधानी में दूसरे दिन प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों व लोगों ने हाथों में ततियां लेकर जमकर नारेबाजी की।