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SC में दाखिल हुई पिटीशन: सिखों पर बनने वाले ‘संता-बंता’ जैसे जोक्स पर लगे BAN

सुप्रीम कोर्ट हंसने-हंसाने के लिए बनाये जाने वाले संता-बंता चुटकुलों के माध्यम से सिख समुदाय पर निशाना बनाए जाने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई आगामी गुरुवार को करेगा।

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pawan kumar pandey

Oct 30, 2015

सुप्रीम कोर्ट हंसने-हंसाने के लिए बनाये जाने वाले संता-बंता चुटकुलों के माध्यम से सिख समुदाय पर निशाना बनाए जाने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई आगामी गुरुवार को करेगा। न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर एवं न्यायमूर्ति वी. गोपाल गौड़ा की पीठ हरविंदर चौधरी की याचिका की सुनवाई को राजी हो गई।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वह इस मामले की सुनवाई पांच नवम्बर को करेगी। याचिकाकर्ता की दलील है कि इन चुटकुलों में सिख समुदाय के लोगों को मूर्ख या कम अक्ल वाला व्यक्ति दर्शाया जाता है, जो अनुचित है। याचिकाकर्ता ने ऐसे चुटकुलों को प्रकाशित करने वाले वेबसाइटों को प्रतिबंधित करने अथवा वेब फिल्टर लगाने के निर्देश देने की भी मांग की है।

5, 000 वेबसाइट सिखों पर पब्लिश करती हैं चुटकुलें
याचिका में कहा गया है कि इस तरह के चुटकुलें प्रकाशित करने वाली करीब पांच हजार वेबसाइटें हैं, जिन्हें तुरंत प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता का कहना है कि जब देश में दूसरे समुदायों को निशाना बनाया जाता है तो उनके लिए सभी जगहों से आवाजें उठती हैं लेकिन, सिख समुदाय के लिए एक आवाज भी सुनने को नहीं मिलती।

इससे पहले भी हो चुकी है शिकायत
ऐसी ही एक शिकायत मार्च 2007 में उस वक्त की गई थी, जब मोहिंदर नामक कारोबारी की शिकायत पर मुंबई के प्रकाशक रंजीत गिरफ्तार किए गए थे। रंजीत पर आरोप था कि संता-बंता पर एक पूरी किताब लिखने से सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है।




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