यूपीएससी की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान पाने वाली ईरा सिंघल को लेकर चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दिल्ली की रहने वाली ईरा के माता-पिता ने इसका खुलासा किया है।
एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में उनके माता-पिता ने कहा कि इससे पहले भी ईरा यूपीएससी की परीक्षा पास कर चुकी हैं लेकिन उन्हें ज्वाइन नहीं करने दिया गया। शारीरिक रूप से विकलांगता का बहाना बनाकर पहले डीओपीडी ने अडंगा लगा दिया। उसके बाद रिवेन्यू विभाग आपत्ति जताई कि वह हाथ से भार नहीं अठा सकती।
ईरा करीब 60 फीसदी शारीरिक विकलांग है इसके बावजूद उसने टॉप किया। ईरा की शुरुआती शिक्षा मेरठ में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की।
ईरा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रतिष्ठित एफएमएस कॉलेज से फाइनेंस एंड मार्केटिंग में मैनेजमेंट (एमबीए) किया है। वह फिलहाल आईआरएस की ट्रेनिंग करने के लिए हैदराबाद में हैं।
ईरा के माता पिता का कहना है उनकी बेटी हर काम में परफेक्ट है। वो कोरियोग्राफी और कविताएं भी चाव से लिखती है। साथ ही उसकी कई भाषाओं पर पकड़ है। उसे एमबीए करने के बाद एक कैडबरी कंपनी में नौकरी भी मिल गई थी।
ईरा के पिता राजेंद्र सिघल का कहना है कि उसकी कामयाबी को 2010 में धक्का लगा। जब उसे विकलांग होने पर आईआरएस में नियुक्ति नहीं मिली।
सिंघल को इस बार भी शक है कि टॉप करने के बावजूद भी कहीं विकलांग होने की वजह से नियुक्ति एक बार फिर प्रश्न चिह्न ना लग जाए।