
अभिनेता विनोद खन्ना का गुरुवार को निधन हो गया। विनोद राजनीति में भी बेहद सक्रिय रहे। वे 4 बार सांसद और केंद्र में मंत्री रहे। फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद विनोद खन्ना ने समाज सेवा के लिए वर्ष 1997 राजनीति में प्रवेश किया और भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से वर्ष 1998 में गुरदासपुर से चुनाव लड़कर लोकसभा सदस्य बने।
2014 के लोक सभा चुनाव में जीत दर्ज कर विनोद खन्ना चौथी बार संसद पहुंचे। इससे पहले 1999 और 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में भी वह जीते थे। वहीं 2009 के लोक सभा चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। 2002 में वे संस्कृति और पर्यटन के केन्द्रीय मंत्री भी रहे। केवल 6 माह पश्चात ही उनको अति अहम विदेश मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री बना दिया गया।
कहा जाता है कि हेमा मालिनी को राजनीति में लाने वाले विनोद खन्ना ही थे। हाल में योगी आदित्यनाथ के लिए प्रचार करने की एक पुरानी तस्वीर भी विनोद खन्ना की वायरल हुई थी। छह अक्टूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्में विनोद खन्ना ने स्नातक की शिक्षा मुंबई से की। इसी दौरान उन्हें एक पार्टी के दौरान निर्माता-निर्देशक सुनील दत्त से मिलने का अवसर मिला।
सुनील दत्त उन दिनों अपनी फिल्म मन का मीत के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे थे। उन्होंने फिल्म में विनोद से बतौर सहनायक काम करने की पेशकश की जिसे विनोद ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। घर पहुंचने पर विनोद को अपने पिता से काफी डांट भी सुननी पड़ी।
Published on:
27 Apr 2017 01:41 pm

