देश के सबसे बड़े राजनैतिक सूबे उत्तर प्रदेश ने देश को 9 प्रधानमंत्री दिए, उसके बाद ऐसी स्थिति प्रदेश का दुर्भाग्य है। शिक्षा के क्षेत्र की स्थिती तो बेहद खराब है। हाल ही में जारी रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 17,602 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ एक ही शिक्षक मौजूद है। ये शिक्षक पूरे स्कूल का प्रबंधन और शिक्षा अकेले ही संभाले हुए हैं। इन हालातों को देखकर बच्चों के भविष्य का अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है।