
Ahmedabad : नवजात की अविकसित आंतों को जोड़ा
अहमदाबाद. नवजात शिशु की एक ओर जहां अविकसित आंत और दूसरी ओर ओर कोरोना का संक्रमण। सिविल अस्पताल के चिकित्सकों के अथक परिश्रम से इस बच्चे को बचा लिया गया। हालांकि इसके लिए बच्चे को जटिल ऑपरेशन से गुुजरना पड़ा और उसके बाद उसे कोविड अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करना पड़ा।
शहर के सरसपुर क्षेत्र स्थित शारदाबेन अस्पताल में पिछले दिनों कोरोना वायरस संक्रमित महिला ने बच्चे को जन्म दिया था। प्रसूति के बाद मां को समरस कोविड सेंटर और उसके बाद सोला सिविल अस्पताल भेजा गया। उस दौरान जन्मे शिशु (पुत्र) की जांच की गई तो उसकी आंत अविकसित थीं। जिसके लिए शिशु को सिविल अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। इससे पहले बच्चे का कोविड टेस्ट कराया गया था जो नेगेटिव था।
सिविल अस्पताल के बाल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि शिशु की आंतें टुकड़ों में विभाजित थी। जिन्हें ऑपरेशन कर जोडऩे की जरूरत है। ऑपरेशन से पहले फिर से बच्चे का कोविड टेस्ट कराया गया जो पॉजिटिव आया। उन्होंने कहा कि बच्चे को बचाने के लिए ऑपरेशन जरूरी था जिससे सावधानी पूर्वक कुशल चिकित्सकों की टीम ने ऑपरेशन के माध्यम से बच्चे की आंतों को एक दूसरे से जोड़ दिया। डॉ. जयश्री रामजी एवं अन्य चिकित्सकों ने बच्चे का ऑपरेशन किया। अच्छे परिणाम के बाद बच्चे को कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया गया। इस तरह की बीमारी लगभग दस हजार में से एक को होती है।
कोविड के साथ ऑपरेशन का पहला मामला
डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि कोविड के साथ-साथ दुर्लभ बीमारी से पीडि़त बच्चे का राज्य में पहला इस तरह का ऑपरेशन किया गया है। हाल में बच्चे की कोरोना की रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। जिससे उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
कोरोना पॉजिटिव दो वर्ष के बच्चे का भी लीवर का ऑपरेशन सफल
सिविल अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि हाल ही में दो वर्ष के एक अन्य बच्चे का भी लीवर का ऑपरेशन किया गया। बच्चे के लीवर में बड़ी गंाठ थी। साथ ही यह बच्चा भी कोरोना पॉजिटिव था। इसके बाद बच्चे की हालत में सुधार होने पर शुक्रवार को उसे भी छुट्टी दे दी गई। यह ऑपरेशन भी डॉ. जोशी के नेतृत्व में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जयश्रीबेन एवं उनकी टीम ने किया।
Published on:
29 May 2020 09:23 pm

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