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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को गंगापुरसिटी से दबोचा

सूरत पांडेसरा से बच्ची के शव की बरामदगी का मामला,सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध काली कार के जरिए मिली कड़ी, मालिक को हिरासत में लेने पर खुलासा
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अहमदाबाद

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Nagendra Singh

•

Updated: 20 Apr 2018, 10:49 PM IST

accused harsh

अहमदाबाद. सूरत के पांडेसरा इलाके से छह अप्रेल को 11 वर्षीय मासूम बच्ची के शव की बरामदगी के मामले की गुत्थी को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सुलझाने का दावा किया है।
क्राइम ब्रांच ने इस मामले के मुख्य आरोपी हर्ष गुर्जर (२५) को राजस्थान के सवाई माधवपुर जिले की गंगापुर सिटी तहसील के गांव से दबोच लिया है। वह गंगापुरसिटी के कुंकाराखुर्द गांव का रहने वाला है और सूरत के पांडेसरा में पत्थरों व टाइल्स की फिटिंग का काम करता है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त दीपन भद्रन ने बताया कि आरोपी हर्ष को गंगापुर सिटी के पास एक गांव से पकड़ लिया गया है। उसे लेकर क्राइम ब्रांच की टीम अहमदाबाद ला रही हैं। वह शनिवार सुबह तक पहुंचेंगी।
उन्होने बताया कि पांडेसरा इलाके में घटनास्थल के आसपास के करीब तीन से पांच किलोमीटर इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने पर उसमें एक काले रंग की कार में संदिग्ध गतिविधि का घटनास्थल केसमीप पता चला। उसके नंबर के आधार पर कार मालिक रामनरेश सहित दो लोगों को हिरासत में लिया, जिनकी पूछताछ में हर्ष की लिप्तता का खुलासा हुआ। रामनरेश ने बताया कि उसकी कार को पांच और छह अप्रेल के दिन हर्षसांई गुर्जर ने उपयोग में लिया था। हर्ष सूरत से अपने परिवार के साथ गायब था। पूछताछ के आधार पर टीम ने गंगापुरसिटी पहुंचकर उसे देर रात ही दबोच लिया। कार को भी बरामद कर लिया है। इसी कार में बच्ची के शव को पांडेसरा में फेंका गया था। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में बच्ची के परिवार का एक सदस्य भी आरोपी से मिला है।
पुलिस को बच्ची के साथ मां की हत्या की भी आशंका
प्राथमिक जांच में पता चला कि छह अप्रेल को बच्ची के शव मिलने के तीन दिन बाद ही करीब नौ अप्रेल को पांडेसरा इलाके से ही एक महिला का भी शव बरामद हुआ था। यह महिला और बच्ची का आपस में संबंध होने की आशंका है। दोनों के माता-पुत्री होने की आशंका है, जिस संदर्भ में पूछताछ की जा रही है। हर्ष की पूछताछ में दोनों की शिनाख्त होने और दोनों की हत्या व उसके कारण, दुष्कर्म के रहस्य से पर्दा उठेगा।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ.राजदीप सिंह झाला, पीआई किरण चौधरी, जे.एन.चावडा सहित तीन पीआई, पांच पीएसआई सहित तीन अन्य कर्मचारियों की टीम सूरत की इस घटना की गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई थीं। गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा व डीजीपी शिवानंद झा ने इस मामले को सुलझाने के लिए निर्देश दिए थे।
कार मालिक ने खोला राज, बोला बच्ची व महिला थी हर्ष के पास
कार मालिक रामनरेश की पूछताछ में सामने आया कि रामनरेश जिस मकान में रहता है उसके मकान मालिक के भाई हर्ष ने विवाहित होने के बावजूद भी एक से छह अप्रेल के दौरान एक बच्ची और एक महिला को अपने यहां साइट पर रखा था। इसके बाद १६ अप्रेल को हर्ष अपने पत्नी व बच्चों को उसके गांव छोडऩे चला गया। पांच व छह अप्रेल को हर्ष ही कार ले गया था। पूछने पर कहा कि उसके यहां जो बच्ची रहती थी वह मर गई थी, जिससे उसे डालने गया था। पुलिस ने इस मामले में कार मालिक रामनरेश के अलावा हर्ष के भाई हरीसिंह गुर्जर को भी हिरासत में लिया। हरीसिंह की पूछताछ में सामने आया कि हर्ष उसके घर में ऊपरी मंजिल पर रहता था। वह परिवार के साथ सवाई माधवपुर जिले में गंगापुर सिटी के कुंकराखुर्द गया है। वापस नहीं आया। इस जानकारी के सामने आने पर क्राइम ब्रांच ने सवाई माधवपुर एसपी से संपर्क करके राजस्थान पुलिस की मदद से क्राइम ब्रांच की एक टीम को गंगापुरसिटी भेजकर हर्ष को उसके गांव से दबोच लिया। जिससे पुलिस को शंका है कि बच्ची के अलावा तीन दिन बात महिला का शव मिला था वह बच्ची की मां हो सकती है। पुलिस ने बच्ची से दुष्कर्म होने, शरीर पर ८० से ज्यादा निशान होने के चलते उसकी पहचान नहीं हो पाई थी, जिससे पहचान के लिए सोशल मीडिया का तो सहारा लिया ही साथ ही देशभर की पुलिस में भी संदेश भेजकर मदद मांगी। इसके आधार पर आंध्रप्रदेश के एक व्यक्ति ने दावा किया कि बच्ची उसकी है। सूरत पुलिस की ओर से डीएनए की जांच की जा रही है।