
Brain dead patient and doctor tean
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान राधाकृष्णन राय (48) के ब्रेनडेड होने पर उनके अंगों का दान किया गया है। उनकी दो किडनी, लिवर और हृदय के दान में मिलने से चार लोगों को नया जीवन मिला है। राधाकृष्णन मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे, फिलहाल गांधीनगर में तैनात थे। पिछले दिनों सड़क हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आने पर उन्हें भर्ती किया गया था। स्थिति में सुधार नहीं होने पर उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया।कहते हैं कि सैनिक कभी नहीं मरते, वे अमर हो जाते हैं। यह कथन राधाकृष्णन राय की इस घटना से सार्थक हो गया है। वे दुनिया से जाते-जाते भी चार लोगों को जीवन दे गए। गांधीनगर में तैनात राधाकृष्णन 29 जून को रात आठ बजे स्कूटर से नाना चिलोडा होते हुए जा रहे थे। अचानक स्कूटर फिसल गया, जिससे उनके सिर में गंभीर रूप से चोट लग लगई। उन्हें सिविल अस्पताल ले लाया गया। अस्पताल में 72 घंटे के उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। विशेष जांच के बाद गुरुवार को चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेनडेड घोषित कर दिया। अस्पताल की चिकित्सा टीम ने इस गंभीर स्थिति में जवान के परिजनों को अवगत कराया। इसके बाद उन्हें अंगदान के बारे में समझाया। परोपकार की भावना से परिजनों ने अंगदान की स्वीकृति दी।
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि राधाकृष्णन के दान में मिले चारों अंगों का जरूरतमंदों मरीजों में प्रत्यारोपण किया गया है। दान में मिले हृदय का यूएन मेहता अस्पताल में ट्रांसप्लांट किया गया, जबकि अन्य तीन अंग लिवर व दोनों किडनी का इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिस एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) में ट्रांसप्लांट किया गया।
डॉ. जोशी ने बताया कि सिविल अस्पताल में अब तक कुल 199 ब्रेनडेड मरीजों के 652 अंग दान में मिले हैं। इनसे 633 लोगों का जीवन संभल गया है। दान में मिले अंगों में सबसे अधिक 362 किडनी हैं। 174 लिवर, 63 हृदय, 32 फेफड़े, 13 पेंक्रियाज, छह हाथ और दो छोटी आंत शामिल हैं। इसके अलावा 21 त्वचा और आंखों का दान भी मिला है।
Published on:
04 Jul 2025 11:05 pm
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