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अहमदाबाद. प्रदेश में वर्ष २०१४ में महिलाओं के लिए शुरू की गई १८१ अभयम से अब तक चार लाख से अधिक महिलाओं को मदद पहुंचाई जा चुकी है। इनमें से ५१००० मामलों में समझा-बुझाकर मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। सरकार के अनुसार विपत्ति के समय में यह सेवा महिलाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुई है, जिसे और सरल बनाने के लिए अब मोबाइल एप से भी जोड़ दिया गया है।
महिलाओं को घरेलू हिंसा समेत विविध प्रकार की प्रताडऩा से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से गुजरात में ४ फरवरी २०१४ में १८१ अभयम हेल्पलाइन शुरू की गई थी। उसके बाद से राज्य की ४०५६०२ महिलाओं ने असुरक्षा की भावना से हेल्पलाइन का उपयोग किया और उन्हें काउंसलिंग समेत विविध तरह की मदद दी गई। इनमें से ८२३५३ महिलाओं की मदद के लिए रेस्क्यूवैन के साथ टीम मौके पर पहुंची थी। ५०९२५ मामलों में मुलाकात और काउंसलिंग से समस्याओं का निपटारा भी कर दिया गया। जबकि २४२०६ महिलाओं की समस्या गंभीर प्रकार की होने पर केस पुलिस थाने तक भी पहुंचा। इन महिलाओं को जरूरत के आधार पर रेस्क्यूटीम पुलिस थाने, नारीगृह, या फिर अस्पताल तक लेकर पहुंची। इसके बाद समस्याओं को निपटारे में मदद की गई। सरकार का मानना है कि हेल्पलाइन को मोबाइल एप के साथ जोडऩे पर यह सेवा और सरल हो जाएगी। घरेलू हिंसा से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य फिलहाल मोबाइल एप्लीकेशन से १८१ अभयम को जोड़ दिया गया है।
मोबाइल ऐप के जरिए घटनास्थल से महिला कॉल करती है तो कॉल करने वाले का निश्चित स्थल हेल्पलाइन के रिस्पोंस सेन्टर में तुरंत ही गूगल के नक्शे में लेट लोंग के साथ मिलेगा, जिससे टेलीफोन काउंसिलर से घटनास्थल जानकारी हासिल करने में समय की बचत होगी और जरूरत के मुताबिक बचाव कार्य होगा। महिला घटनास्थल के फोटो एवं विडियो एप्लीकेशन द्वारा अपलोड कर उसे साक्ष्य के तौर पर हेल्पलाइन सेन्टर में भेज सकेंगे ऐप में 181 बटन दबाने के साथ ही मुश्किल के हालात में महिला अपने पांच रिश्तेदारों तथा दोस्तों को ऑटोमेटिक एसएमएस से संदेश मिल जाएगा।
Published on:
07 Aug 2018 09:58 pm

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