
अब बालकों को भी दी जा सकेगी कोरोना वैक्सीन: मांडविया
अहमदाबाद. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि शुक्रवार को मंजूर की गई जायकोव-डी वैक्सीन की विशेषता यह है कि इसे 12 साल से ऊपर की आयु के लोगों को दिया जा सकता है। यानि बालकों को भी यह वैक्सीन दी जा सकेगी। ये बिना सुई की है। इसे सुई के जरिए नहीं दिया जाएगा, बल्कि इसे सिर्फ बांह पर रखा जाएगा और यह चमड़ी के जरिए अंदर चली जाएगी। क्योंकि यह डीएनए आधारित है। इसका उत्पादन शुरू हो गया है। जल्द ही यह बाजार में भी आ जाएगी।
मांडविया ने यह बात शनिवार को जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान भावनगर जिले में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि दुनिया की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन जायकोव-डी को भारत ने आपातकालीन उपयोग (इमरजेंसी यूज) की मंजूरी दी है। यह स्वदेशी है। भारत के वैज्ञानिकों की ओर से विकसित की गई है। भारत की ही कंपनी की ओर से इसका उत्पादन किया जाएगा। तीन डोज वाली है।
इसके साथ भारत में अब छह कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी यूज की मंजूरी दी जा चुकी है। एक कोवीशील्ड, कोवैक्सीन, स्पूतनिक वी, मॉडर्ना, जॉनसन एंड जॉनसन और जायकोव-डी वैक्सीन शामिल है।
इससे पहले शुक्रवार को मांडविया ने इस वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने पर ट्वीट के जरिए दी अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि इससे भारत के बच्चों को कोरोना से सुरक्षित किया जा सकेगा।
Published on:
21 Aug 2021 09:04 pm
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