अहमदाबाद

अहमदाबाद सिविल मेडिसिटी में पहला सफल हार्ट ट्रान्सप्लान्ट

गांधीनगर के 12वीं के छात्र में धडक़ा अहमदाबाद के युवक का दिल अब राजकोट, सूरत और वडोदरा में भी अहमदाबाद की तज पर बनेगी मेडिसिटी

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अहमदाबाद सिविल मेडिसिटी में पहला सफल हार्ट ट्रान्सप्लान्ट

अहमदाबाद. शहर में सिविल मेडिसिटी कैंपस में किडनी, लिवर, पेंक्रियाज और गर्भाशय के बाद राज्य सरकार संचालित यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलोजी एंड रिसर्च सेंटर (यूएन मेहता अस्पताल) में मंगलवार को पहला हार्ट ट्रान्सप्लान्ट भी सफल हो गया। रिक्शा चालक के 16 वर्षीय पुत्र में ब्रेन डेड युवक के हृदय का ट्रान्सप्लान्ट किया गया। निजी अस्पताल में लगभग 25 लाख रुपए मं होने वाला यह ट्रान्सप्लान्ट यहां निशुल्क किया गया। अहमदाबाद मेडिसिटी की तर्ज पर राजकोट, सूरत और वडोदरा में भी ऐसे ही अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं।
सिविल मेडिसिटी कैंपस में कई अस्पताल हैं। इनमें से कैंपस के इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिस एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) में किडनी, लिवर, पेंक्रियाज और गर्भाशय के ट्रान्सप्लान्ट किए जाते हैं। अब कैंपस के ही यूएन मेहता अस्पताल में हृदय का भी ट्रान्सप्लान्ट मंगलवार से शुरू हो गया। मूल रूप से उत्तरप्रदेश और हाल में गुजरात में रह रहे 24 वर्षीय रोहित पिछले दिनों हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उपचार के लिए सिविल अस्पताल लाया गया। जहां उन्हें सोमवार को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। रोहित के परिजनों से किए गए विचार विमर्श के बाद रोहित के अंगों का दान करने की स्वीकृति मिली। इसके बाद मंगलवार को रोहित के हृदय, लिवर तथा दो किडनी का दान किया गया। हृदय गांधीनगर में रहने वाले और 12वीं के छात्र में प्रत्यारोपित किया गया। रिक्शा चालक का यह 16 वर्षीय पुत्र पिछले एक वर्ष से हृदय संबंधित रोग से जूझ रहा था। चिकित्सकों ने इसका विकल्प केवल हृदय ट्रान्सप्लान्ट बताया था।
हार्ट का यह पहला ट्रान्सप्लान्ट अस्पताल के कार्डियाक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. चिराग दोशी, के नेतृत्व में किया गया। इस टीम में डॉ. कार्तिक पटेल, डॉ. प्रतीक माणेक, डॉ. आशिष मडकाईकर व अन्य कई चिकित्सक शामिल रहे।

21 माह में दान में मिले मिले 291 अंग
अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में पिछले 21 माह में ब्रेन डेड दाताओं से 291 अंग दान में मिल चुके हैं। इनमें से सबसे अधिक 154 किडनी, 78 लिवर, 9 पेंन्क्रयाज, 24 हृदय, 6 हाथ, 18 फेफड़े, 2 छोटी आंत और 54 कॉर्निया शामिल हैं। इन अंगों के माध्यम से 269 मरीजों को नया जीवन मिला है।


निशुल्क किया गया ट्रान्सप्लान्ट

यूएन मेहता अस्पताल में किया गया यह पहला ट्रान्सप्लान्ट निशुल्क किया गया है। अहमदाबाद की तरह राजकोट और सूरत में भी इस तरह के मेडिसिटी कैंपस तैयार हो रहे हैं। जिससे एक ही जगह पर सभी रोगों के उपचार संभव हो सकेंगें।
ऋषिकेश पटेल, स्वास्थ्य मंत्री गुजरात

Published on:
27 Sept 2022 10:19 pm
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