-इस वर्ष आय सीमा बढ़ाकर की गई छह लाख, 2.38 लाख आवेदन में से 1.75 लाख मान्य, 13761 खारिज, 49 हजार थे डुप्लीकेट
Ahmedabad. शिक्षा के मौलिक अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) 2009 के तहत निजी स्कूलों में कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 फीसदी सीटों पर सोमवार को पहले चरण के प्रवेश आवंटित किए गए। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया के पहले चरण में 86000 बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश आवंटित किया है। इसके बाद 7586 सीटें रिक्त रह गई हैं।
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य के 9741 निजी स्कूलों में आरक्षित विभिन्न माध्यमों की 93860 सीटों पर प्रवेश को आवेदन आमंत्रित किए गए थे। गुजरात सरकार ने अभिभावकों की सालाना आय सीमा को डेढ़ लाख रुपए से बढ़ाकर छह लाख रुपए कर दिया है। इसके चलते इस वर्ष आरटीई में प्रवेश के लिए 238916 आवेदन मिले। इसमें से 175685 आवेदन मान्य रहे, जबकि 13761 आवेदन अधूरे दस्तावेजों के चलते और 49470 आवेदन डुप्लीकेट होने से रद्द किए गए। पहले चरण में छह किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध स्कूलों का चयन करने वाले अभिभावकों के 86274 बच्चों को प्रवेश आवंटित किए हैं। इसके बाद 7586 सीटें रिक्त रही हैं।
पहले चरण में आरटीई के तहत जिन बच्चों को निजी स्कूल में प्रवेश दिया है। उनके अभिभावकों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस से सूचना दी है। उन्हें 8 मई गुरुवार तक संबंधित स्कूल में रूबरू में जाकर प्रवेश को स्वीकारना होगा।
पहले चरण के प्रवेश आवंटन के बाद रिक्त रहीं 7568 सीटों पर दूसरे चरण में प्रवेश दिए जाएंगे। इसमें पहले चरण में प्रवेश न मिला हो ऐसे बच्चों के अभिभावकों को स्कूलों का पुन: चयन करने का विकल्प दिया जाएगा। उसके बाद प्रवेश आवंटित किए जाएंगे।
सरकार की प्राथमिकता वाली 13 श्रेणियों में से सबसे ज्यादा 32267 बच्चों को प्रवेश सरकारी आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों को दिए हैं। 86 अनाथ बच्चों को, देखरेख की जरूरत वाले 511 बच्चों को, बाल गृह के 15 बच्चों को, बाल श्रमिकों के 12 बच्चों को, मंदबुद्धि, सेरेब्jल पाल्सी व अन्य शारीरिक विकलांगता वाले 268 बच्चों को प्रवेश दिया गया। शहीद हुए जवान, पुलिसकर्मियों के चार बच्चों को प्रवेश मिला है। ओबीसी श्रेणी के 18383 बच्चों को, एससी एसटी के 14254 बच्चों को और सामान्य श्रेणी के 13736 बच्चों को प्रवेश दिए गए हैं। इकलौती बेटी होने पर 5120 को प्रवेश मिला है।
माध्यम के आधार पर देखें तो सबसे ज्यादा गुजराती माध्यम की 5725 स्कूलों की 49207 सीटों में से 48490 सीटों पर बच्चों को पहले चरण में प्रवेश मिला है। इसमें 717 सीटें रिक्त रहीं। अंग्रेजी माध्यम की 3553 स्कूलों की 41679 सीटों में से 36861 पर प्रवेेश दिया है। 4818 खाली रहीं। हिंदी माध्यम की 408 स्कूलों की 2630 सीटों में से 748 पर प्रवेश दिया है। 1882 खाली रहीं। मराठी माध्यम में 25, ओडिया में 105, उर्दू में 39 सीटें खाली रहीं।