सदन में गृह राज्य मंत्री ने दिया जवाब
गांधीनगर. दलित कार्यकर्ता भानूभाई वणकर के आत्मदाह प्रकरण को लेकर विधानसभा में नियम 116 के तहत कांग्रेस के प्रस्ताव का गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने सदन जवाब दिया। उन्होंने बताया कि पाटण जिले की समी तहसील के दुदखा गांव के दलित परिवार की जमीन की मांग को लेकर पाटण जिला कलक्टर कार्यालय की घटना दु:खद होने के साथ-साथ अत्यंत संवेदनशील है। इस मामले में राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई की गई। पुलिस प्रशासन, जिला कलक्टर प्रशासन की ओर से गंभीरता दिखाई गई। कलक्टर कार्यालय में 42 पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिय गया था। स्थल पर फायर फाइटर, कंबल व एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने कहा कि आत्मदाह की धमकी के संबंध में पत्र मिलने के बाद से ही प्रशासन ने दुदखा, ऊंझा, गांधीधाम, शंखेश्वर व बास्पा में संपर्क किया गया। आवेदकों के मोबाइल नंबर के आधार पर लोकेशन प्राप्त करने का भी प्रयास किया गया।
मंत्री ने कहा कि भानू भाई वणकर के आत्मदाह की घटना में बचाव के दौरान दो पुलिसकर्मी भी झुलस गए। इस घटना में विशेष मामले में मृतक की पत्नी हेमाबेन वणकर को दुदखा गां गांव में 34 बीघा जमीन आवंटित की गई। नियमानुसार मिलने वाली सवा आठ लाख की मदद में से 50 फीसदी रकम 4 लाख 12 हजार 500 रकम का चेक हेमलताबेन को दिया गया। मृतक के पुत्र का स्थानांतरण भी कर दिया गया। इस संबंध में उन्होंने विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की भी बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि एग्रिकल्चर लैण्ड सीलिंग एक्ट-1960 के तहत राज्य सरकार को 59,584 बीघा जमीन मिली थी। इनमें से 7237 लाभार्थियों को 51,938 बीघा जमीन आवंटित की गई यह 87 फीसदी जमीन है। इनमें से 48,355 बीघा जमीन प्रत्यक्ष कब्जेदारों को सुपुर्द की गई। इस तरह अब तक 93 फीसदी लाभार्थियों को प्रत्यक्ष कब्जा दे दिया गया। शेष 6 फीसदी लोगों को छह महीने के भीतर जमीन का कब्जा दिया जाएगा।
फायर फाइटर देरी से क्यों पहुंचा, मंत्री ने कहा कांग्रेस की नगरपालिका
इस मुद्दे पर प्रस्ताव लाने वाले डॉ. किरीट पटेल स्पीकर ने मंत्री से सीधा प्रश्न पूछने को कहा, तब उन्होंने यह पूछा कि पाटण कलक्टर कार्यालय परिसर में घटना के समय फायर फाइटर देरी से क्यों पहुंची, इस पर गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने कहा कि वहां पर कांग्रेस की नगरपालिका है। इस जवाब पर विपक्षी विधायकों ने खूब बवाल किया।
41 सेकेण्ड में बुझा दी गई आग
गृह राज्य मंत्री ने सदन मेंं इस मुद्दे पर दिए गए बयान में कहा कि इस घटना में सिर्फ 41 सेकेण्ड के भीतर आग बुझा दी गई। इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी झुलस गए।