मां... मैं कचरा नहीं थी जो फेंककर लावारिस बना दिया

दो दिन में चार नवजात लावारिस मिले, एक को कुत्ते से बचाया : एक था मृत, तीन हैं जीवित, अस्पताल में चल रहा इलाज

By: MOHIT SHARMA

Published: 16 Feb 2021, 06:52 PM IST

अहमदाबाद. बदलते वक्त ने लोगोंं की संवेदनशीलता को भी मार दिया है। इसका जीता जागता उदाहरण है कि शहर में दो दिन में चार लावारिस नवजात सडक़ पर लावारिश हालत में मिले। चारों नवजात शाहीबाग, एलिसब्रिज और वेजलपुर इलाके में पाए गए। इसमें से एक शिशु (बालक) मृत हालत में मिला, जबकि तीन अन्य नवजात शिशु (बच्चियां) जीवित मिली हैं। इसमें से एक को सिविल अस्पताल असारवा में जबकि अन्य दो को सोला सिविल अस्पताल के नियोनेंटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में भर्ती कराया गया है। आखिर इन नवजातों का क्या गुनाह था जो मां ने अपने से दूर कर इन्हें लावारिश बना दिया।
कूड़े के ढेर से मिली बच्ची: एक अन्य नवजात बच्ची 13 फरवरी की रात शाहीबाग प्रीतमपुरा युनिसिपल स्कूल के सामने सार्वजनिक शौचालक के पास मनपा के कूड़े के डिब्बे से मिली। यहां भीड़ लगी देख थाने की शी टीम की सदस्य ऊषा सिंह व साथियों ने जाकर देखा तो वहां क्रीम रंग के डिजाइन वाले दुपट्टे में लिपटी नवजात बच्ची जीवित हालत में थी। परिजन के बारे में पता नहीं लगने पर उसे तत्काल असारवा सिविल अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती कराया। 14 फरवरी को इस बाबत अज्ञात महिला के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।


कार के नीचे से रोती मिली नवजात
वेजलपुर में 14 फरवरी की रात पौने नौ बजे के करीब श्यामसुंदर सोसायटी के गेट के पास पार्क एक कार के नीचे से नवजात बच्ची रोती मिली। उसे निकालकर देखा तो उसने गुलाबी रंग का शूट पहना था। इस बाबत पास की अपेक्षा सोसायटी निवासी शिशुपाल सिंह जाडेजा ने वेजलपुर पुलिस व 108 को फोन कर बच्ची को सोला सिविल के एनआईसीयू में भर्ती कराया।

कूड़ा लेने वाले वाहन में फेंका मृत बालक
एलिसब्रिज इलाके में एक नवजात बालक को किसी ने कूड़ा लेने जाने वाले वाहन में फेंक दिया। सेनेटरी इंस्पेक्टर संजय दवे ने एलिसब्रिज में प्राथमिकी दर्ज कराई है। कोचरब गांव के पास घर-घर कचरा लेने वाले वाहन चालक चंदू बताया कि किसी ने प्लास्टिक की थैली में नवजात शिशु को रखकर फेंक दिया था। देखा तो बालक मृत था।

कुत्ते के मुंह से ऑटो चालक ने छुड़ाई मासूम
वेजलपुर इलाके में मिलीं दो बच्चियों में से एक नवजात बच्ची को लोडिंग रिक्शा चालक सरफुद्दीन मंसूरी (33) ने कुत्ते के मुंह से छुड़ाकर जान बचाई। उन्होंने देखा कि एक कुत्ता मुंह में जामुनी रंग के स्वेटर में दबाकर कुछ ले जा रहा है। रिक्शा रोककर कुत्ते के पीछा कर उसके मुंह से वह स्वेटर छुड़ा लिया। देखा तो स्वेटर में नवजात बच्ची जिंदा थी। वह पूछताछ के बाद बच्ची को घर ले गए। पत्नी ने उसे नहलाकर दूध पिलाया। सोमवार सुबह 108 नंबर पर फोन कर बच्ची को सोला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।

MOHIT SHARMA
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