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पहले बाइक पर ढूंढते शिकार, फिर लूटते चेन

चुनौती बन चुके बाइकर्स गैंग आखिर जिला पुलिस के हत्थे चढ़ गई। शहर में लगातार हो रही चेन स्नेचिंग,

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Mukesh Kumar Sharma

Apr 11, 2016

ajmer

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अजमेर।चुनौती बन चुके बाइकर्स गैंग आखिर जिला पुलिस के हत्थे चढ़ गई। शहर में लगातार हो रही चेन स्नेचिंग, राहजनी और हाईवे लूट की वारदात में शनिवार रात पुलिस को बड़ी सफलता मिली। सिविल लाइंस व क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने डकैती का षड्यंत्र रचते बाइकर्स गैंग के पांच गुर्गों को धर-दबोचा। आरोपितों ने लूट, चेन स्नेचिंग की सैकड़ों वारदातें कबूली हैं। पुलिस गिरोह के सरगना सहित तीन और आरोपितों की तलाश में जुटी है। पुलिस को बीते डेढ़ साल में अजमेर शहर व आसपास के इलाके में सैकड़ों वारदातें खुलने की उम्मीद है।

थाना प्रभारी लक्ष्मणराम चौधरी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक डॉ. नितिनदीप ब्लग्गन के आदेश पर वृत्ताधिकारी राजेश मीणा के निर्देशन में सिविल लाइंस व क्रिश्चियन गंज थाने की स्पेशल टीम गठित की गई। टीम ने शनिवार रात महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के पास स्थित श्मशान में 5 जनों को डकैती की साजिश रचते पकड़ा।


आरोपितों में वैशालीनगर राजीव कॉलोनी निवासी वीरेन्द्रसिंह चौहान उर्फ महेन्द्रसिंह पुत्र अमरसिंह चौहान, चौरसियावास रोड झूलेलाल मंदिर के पास निवासी लोकेश उर्फ बाबू पुत्र भागचन्द रेगर, पुष्कर होकरा निवासी लेखराज पुत्र प्रभुसिंह रावत, माकड़वाली निवासी राजबीर उर्फ राजू उर्फ बीरम गुर्जर और गंज बाबूगढ़ निवासी राहुल जैसवाल पुत्र रामकुमार मोची को गिरफ्तार किया। पुलिस गिरोह के सरगना शास्त्रीनगर रोड निवासी शुभम हाड़ा और उसके दो साथियों की तलाश में जुटी है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने उनके खिलाफ डकैती का प्रयास, आम्र्स एक्ट में मामला दर्ज किया है।

ऐसे चढ़े हत्थे

सिविल लाइंस थाना पुलिस ने गत दिनों व्यवसायी गौरव मित्तल के साथ हुई लूट की वारदात के बाद एक बाल अपचारी सहित तीन लुटेरों को पकड़ा। आरोपितों के गिरफ्त में आने के बाद शहर में लूट व राहजनी की वारदातें बढ़ गई। एसपी ब्लग्गन ने एएसपी अवनीश कुमार, सीओ राजेश मीणा को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सीओ राजेश मीणा ने सिविल लाइन्स थाना एसएचओ लक्ष्मणराम चौधरी व क्रिश्चियनगंज थानाप्रभारी विजेन्द्र गिल के नेतृत्व में हैडकांस्टेबल नारायणलाल, हैडकांस्टेबल हरभान सिंह, सिपाही अर्जुनराम, महेन्द्र कुमार, विजेन्द्र सिंह, पूसाराम, पवन कुमार, चालक युगल किशोर, गोपाल सिंह और सुधीर कुमार की संयुक्त टीम बनाकर तलाश शुरू की। टीम ने दो दिन में पल्सर बाइक पर निकलने वाले दो युवकों को पकड़ पूछताछ की तो गिरोह का पर्दाफाश हो गया।

पांच बाइक व हथियार बरामद

पुलिस ने गिरोह से पांच तेज रफ्तार बाइक बरामद की हैं। इसमें तीन 150-सीसी और दो 220-सीसी बाइक है। पुलिस ने एक धारदार तलवार, लोहे का पाइप, सरिया, लकड़ी के डंडे और मिर्च पाउडर बरामद किए हैं। पांचों आरोपितों से लूट के दर्जनों मोबाइल फोन मिले हैं। दर्जनों वारदाते पुलिस ने बरामद मोबाइल की तस्दीक करने में जुटी है ताकि वारदतों की सूचीबद्ध किया जा सके।

गिरोह ने कबूली दो वारदातें

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में गिरोह ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 9 मार्च को सावित्री स्कूल के सामने वृद्ध से 50 हजार रुपए की लूट की वारदात कबूली है। इसके अलावा पुष्कर रोड विश्रामस्थली के सामने दम्पती से 20 हजार रुपए और 6 अप्रेल को सिविल लाइंस इलाके में युवती से मोबाइल फोन लूट की वारदातें अंजाम देना कबूला। पुलिस आरोपितों से लूट के माल की बरामदगी में जुटी है।

दिनभर नींद, शाम को वारदात

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि गिरोह के सरगना शुभम हाड़ा और उसके सात साथी दिनभर घर पर सोते थे। शाम को घर से तैयार होकर निकलते। वारदात अंजाम देते और कुछ ही मिनट में बाइक के साथ नजदीकी ठिकाने पर छुपकर बैठ जाते। फिर देर रात पुलिस के शांत होने के बाद अपने घर पहुंच जाते थे। गिरोह ने शहर के अलावा हाईवे पर लूट की वारदात भी अंजाम देना कबूला है।


ढूंढते थे आसान शिकार

गिरोह में अधिकांश गुर्गे की उम्र 19 से 24 साल है। शातिर दो-दो की संख्या में चार बाइक पर निकलते। घर से निकलते ही अपना आसान शिकार किसी वृद्ध, महिला और युवती को बनाते। इसके पीछे गिरोह की मंशा यह होती थी कि वारदात के बाद पुलिस को सक्रिय होने में वक्त लगे और वह आसानी से अपने ठिकाने पर पहुंच जाएं।