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JDU उनका घर है, जब चाहें आ सकते हैं… RCP सिंह को श्याम रजक का खुला ऑफर

Bihar Politics: बिहार के राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि RCP सिंह फिर से जदयू में शामिल हो सकते हैं। इस बीच, जदयू विधायक श्याम रजक के एक बयान ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 14, 2026

bihar politics: जदयू विधायक श्याम रजक

जदयू विधायक श्याम रजक (फोटो- shyam rajak FB)

Bihar Politics: मकर संक्रांति पर बिहार की राजनीति गरमाई हुई है। जहां तेज प्रताप यादव के घर दही-चूड़ा भोज चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं आज बिहार सरकार के मंत्री और JDU नेता रत्नेश सदा के घर भी ऐसे ही एक भोज का आयोजन हुआ। इस भोज में नेताओं ने पारंपरिक तिल- गुड़ और दही-चूड़ा का आनंद तो लिया ही लेकिन साथ ही कई राजनीतिक संकेत भी दिए। इस दौरान JDU विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया।

क्या कहा श्याम रजक ने?

मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर आयोजित इस दही-चूड़ा भोज में सीएम नीतीश कुमार सहित एनडीए के तमाम नेता पहुंचे। इस दौरान जब ​​पत्रकारों ने श्याम रजक से पूछा कि क्या जन सुराज पार्टी के नेता और JDU के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष RCP सिंह JDU में वापस आ सकते हैं, तो श्याम रजक ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, "वह गए ही कब थे? JDU उनका घर है। उनका स्वागत है। वह जब चाहें आ सकते हैं।"

तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर श्याम रजक मुस्कुराए और कहा, "हम हर जगह जाएंगे। हर बात को राजनीति से जोड़ने की जरूरत नहीं है। समाज में रहने के लिए लोगों से मिलना-जुलना जरूरी है।"

RCP सिंह चर्चा में क्यों हैं?

दरअसल, रविवार को पटना में पटेल सेवा संघ की दही-चूड़ा दावत में RCP सिंह के बदले हुए तेवर सुर्खियों में आए। उन्होंने इस भोज एक बाद कहा था, "नीतीश कुमार मेरे अभिभावक हैं। हम कभी अलग नहीं हुए। हमने 25 साल साथ काम किया है, नीतीश कुमार को मुझसे बेहतर कोई नहीं जानता।" इसी बयान के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि RCP सिंह खरमास खत्म होने के बाद जन सुराज छोड़कर JDU में शामिल हो सकते हैं।

RCP और नीतीश… कभी बहुत करीब, फिर दूर

RCP सिंह को JDU में नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक और प्रशासनिक लोगों में से एक माना जाता था। उन्होंने JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर काम किया, राज्यसभा गए और फिर मोदी सरकार में मंत्री भी बने। लेकिन फिर सत्ता समीकरण बदल गए और पार्टी के अंदर RCP सिंह के खिलाफ विरोध का माहौल बन गया। आखिरकार RCP सिंह जदयू से बाहर हो गए।

इसके बाद 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने "आपकी आवाज पार्टी" बनाई, लेकिन यह प्रयोग ज्यादा समय तक नहीं चला। कुछ ही महीनों बाद उन्होंने अपनी पार्टी को प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में मिला दिया। जिसके बाद उनकी बेटी लता सिंह जनसुराज से अस्थावां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ीं लेकिन सफल नहीं हुईं।