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रणवीर सेना प्रमुख बरमेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह बनीं IPS अफसर, UPSC में हासिल की 301वीं रैंक

रणवीर सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में 301वां स्थान प्राप्त किया है।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 7 Mar 2026, 9:37 AM IST

रणवीर सेना प्रमुख बरमेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह

रणबीर सेना के प्रमुख बरमेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक हासिल की है। इस रैंक के साथ उन्होंने इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) के लिए क्वालिफाई किया है और उन्हें पुलिस सेवा की ट्रेनिंग के लिए चयनित किया गया है।

रणबीर सेना एक ऐसा संगठन था, जिसका गठन बिहार में नक्सलियों के खिलाफ ऊंची जातियों के लोगों द्वारा किया गया था। 1990 के दशक में बिहार में जातिगत संघर्ष के दौर में यह संगठन कई हिंसक घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा। उस समय इसका मुकाबला वामपंथी उग्रवादी संगठन माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (MCC) से भी होता था।

सोना बेचो, लोहा खरीदो का दिया था नारा

रणबीर सेना के प्रमुख बरमेश्वर मुखिया इस संगठन के प्रमुख थे। वर्ष 2012 में उनकी हत्या कर दी गई थी। वे बिहार के भोजपुर जिले के खोपिरा गांव के रहने वाले थे। उस समय बिहार में जातिगत संघर्ष अपने चरम पर था। इसी दौर में उन्होंने ऊंची जाति के लोगों से “सोना बेचो, लोहा खरीदो” का नारा देते हुए हथियार खरीदने की अपील की थी। भोजपुर जिले के बेलौर और एकबारी समेत आसपास के कई गांवों में जातीय तनाव के कारण कई भीषण नरसंहार की घटनाएं हुईं, जो वर्ष 2003 तक अलग-अलग रूप में जारी रहीं।

कोहली के जज़्बे से प्रभावित है आकांक्षा

आकांक्षा ने कैथोलिक हाई स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और 2017 में 10वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने आरा स्थित हरप्रसाद दास जैन कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स किया। इसके बाद आकांक्षा ने अपनी UPSC की तैयारी के लिए पटना आकर रहना शुरू किया। यहाँ उन्होंने पूरी तरह से तैयारी की और अपनी दूसरी कोशिश में UPSC सिविल सर्विसेज़ परीक्षा पास कर ली। तैयारी के दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए एक स्थानीय स्कूल में पढ़ाने का भी अनुभव लिया। आकांक्षा ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि उनकी सफलता में कड़ी मेहनत का अहम योगदान है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें क्रिकेटर विराट कोहली के जज़्बे और हिम्मत से बहुत प्रेरणा मिलती है।

भोजपुर का नाम रोशन किया

आकांक्षा के पिता, इंदुभूषण सिंह, जो एक किसान हैं, ने कहा कि यह उनके लिए एक बहुत इमोशनल पल है। बेटी की सफलता पर उन्होंने कहा, 'लोगों के फोन कॉल और शुभकामनाओं से मैं बेहद खुश हूँ। आकांक्षा समाज की बेटी है और देश के निर्माण में अपना योगदान देगी।' उनकी चचेरी बहन अनुपमा सिंह ने कहा, 'उसने भोजपुर और बिहार का नाम रोशन किया है।'

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