
अजमेर। नेशनल फैडरेशन ऑफ इंडिया वूमन की निदेशक निशा सिधु ने कहा कि संविधान में लड़की क्या पहने यह तय करना उसका मौलिक अधिकार है और लड़कों को कोई हक नहीं बनता कि वे उनके कपड़ों पर अपनी टिप्पणी दें।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी सोच बदलनी पडेगी ताकि हमारी बेटियों को डर ना लगे और उनके भाईयों को उनका बॉडीगार्ड ना बनना पडे। निदेशक सिधु शुक्रवार को बांदर सिंदरी स्थित राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय में लैगिंक समानता, यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित समिति की बैठक में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं के अनुकूल माहौल बनाने का प्रयास करना चाहिए ताकि बिना खौफ और बिना डर के लड़किया समाज में जी सकें। महिला अध्ययन केन्द्र राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर की पूर्वनिदेशक प्रो. प्रतिभा जैन ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वयं की पहचान का अहसास करना आवश्यक है।
उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा करते हुए दो सवाल भ्रूण हत्या को कैसे रोकी जाए एवं महिलाओं को सुरक्षा कैसे प्रदान की जाए पर विचार करने के लिए सबसे आग्रह किया।
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